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देह व्यापार में लिप्त युवतियों के पुनर्वास पर कोर्ट सख्त
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 16 Jun 2016 01:41 AM IST
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रेड लाइट एरिया मीरगंज से पकड़ी गईं लड़कियों को देह व्यापार के दलदल से बाहर निकालने को लेकर हाईकोर्ट सख्त है। लड़कियों को नारी निकेतन से मुक्त कर उनके अभिभावकों को सौंपने के लिए दाखिल याचिकाएं खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि लड़कियों को नारी निकेतन में रखने का आदेश वैधानिक आदेश है इसलिए इसके खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पोषणीय नहीं है। जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस के जे ठाकर की पीठ ने करीब 15 ऐसी युवतियाें की ओर से दाखिल याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अदालत ने नाबालिग लड़कियों को भी उनके पिता के संरक्षण देने में इंकार करते हुए कहा है कि यह साबित होना चाहिए लड़कियों को दुबारा उसे काम में नहीं उतारा जाएगा। फिलहाल लड़कियों के संरक्षण और पुनर्वास का जिम्मा बनारस की समाजसेवी संस्था गुड़िया कर रही है। इसी प्रकार कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति वीके शुक्ल की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी रेड लाइट एरिया से पकड़ी गईं लड़कियों को नारी निकेतन से मुक्त करने की मांग नहीं मानी है। प्रदेश सरकार की ओर से दलील दी गई कि अनैतिक देह व्यापार कानून में ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट के आदेश के विरुद्ध सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। चूंकि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 21 का सवाल भी पैदा हो रहा है इसलिए कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब कर लिया है। लड़कियां फिलहाल नारी निकेतन में ही रहेंगी।
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अदालत ने नाबालिग लड़कियों को भी उनके पिता के संरक्षण देने में इंकार करते हुए कहा है कि यह साबित होना चाहिए लड़कियों को दुबारा उसे काम में नहीं उतारा जाएगा। फिलहाल लड़कियों के संरक्षण और पुनर्वास का जिम्मा बनारस की समाजसेवी संस्था गुड़िया कर रही है। इसी प्रकार कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति वीके शुक्ल की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी रेड लाइट एरिया से पकड़ी गईं लड़कियों को नारी निकेतन से मुक्त करने की मांग नहीं मानी है। प्रदेश सरकार की ओर से दलील दी गई कि अनैतिक देह व्यापार कानून में ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट के आदेश के विरुद्ध सेशन कोर्ट में पुनरीक्षण दाखिल करने का विकल्प मौजूद है। चूंकि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 21 का सवाल भी पैदा हो रहा है इसलिए कोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस मामले में जवाब तलब कर लिया है। लड़कियां फिलहाल नारी निकेतन में ही रहेंगी।
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