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प्राइवेट कॉलेजों में आयोग से नियुक्ति न करने पर कोर्ट सख्त

Fri, 06 Mar 2020 12:59 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 06 Mar 2020 12:59 AM IST
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Court strict on non-appointment from commission in private colleges
court - फोटो : prayagraj
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्व वित्त पोषित कालेजों में शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ  की भर्ती गठित आयोग द्वारा नहीं करने पर गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट इस मामले में प्रमुख सचिव माध्यमिक व बेसिक शिक्षा को 18 मार्च को तलब किया है। इन दोनों अधिकारियों से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने को कहा है कि भर्ती आयोग का प्रावधान लागू न होने के कारण क्यों न पुराने कानून से नियुक्तियां की जाएं। तथा भर्तियां रोकने पर अधिकारियों पर क्यों न हर्जाना लगाया जाए।
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कोर्ट ने शिक्षा सेवा चयन आयोग लागू कर शैक्षिक, गैर शैक्षिक स्टाफ  के खाली पदों को भरने की समयबद्ध कार्य योजना भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसपी केशरवानी ने पं. जवाहरलाल नेहरू इंटर कालेज फतेहपुर की प्रबंध समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची का कहना है कि कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का पद भरने की अनुमति नहीं दी जा रही है और सरकार स्वयं भी चयन नहीं कर पा रही है। इससे कालेज का कार्य प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने इस मामले में सरकार से जवाब मांगा था। कहा था कि भर्ती करने से अधिकारी इंकार नहीं कर सकते। प्रमुख सचिव ने हलफ़नामा दाखिल कर कहा कि आयोग का गठन हो गया है।
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चयन में भारी अनियमितता की शिकायत को देखते हुए चयन में पारदर्शिता लाने के लिए कानून पास कर आयोग से भर्ती की व्यवस्था की गई है। भर्ती के अधिकार आयोग में निहित होने के कारण प्रबंध समिति को भर्ती करने की अनुमति नहीं दी जा सकती ।


हालांकि रेग्यूलेशन 101 के तहत तृतीय श्रेणी भर्ती समिति कर सकती है। आयोग मार्च 2020 से लागू हो रहा है। सरकार ने 30 मई 19 के शासनादेश से भर्ती रोक दी है। अब आयोग से भर्तियां होंगी। कोर्ट ने कहा कि आयोग लागू करने की अधिसूचना जारी नही की गई है। ऐसे में पहले से कार्यरत आयोग खत्म नहीं हुए हैं। नियुक्तियां रोकना कानून के विपरीत है। जिसपर कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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