फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Court: Punishment of accused in cheating with review officer of High Court

कोर्ट : हाईकोर्ट के समीक्षा अधिकारी के साथ धोखाधड़ी में आरोपी को सजा

Wed, 06 Oct 2021 11:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 06 Oct 2021 11:02 PM IST
विज्ञापन
Court: Punishment of accused in cheating with review officer of High Court
court - फोटो : Social Media
हाईकोर्ट के समीक्षा अधिकारी के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने में अदालत ने आरोपी को पांच साल की कैद और 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने समीक्षा अधिकारी अंकुर मालवीय के अधिवक्ता एचआर वर्मा, अभियोजन अधिकारी अतुलय  द्विवेदी एवं प्रदीप कुमार को सुन कर दिया है।
विज्ञापन


 अदालत ने अपने निर्णय में कहा है कि आरोपी राजेश प्रताप सिंह के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 एवं 406 के अंतर्गत अभियोजन पक्ष आरोप संदेह से परे साबित करने में सफल रहा है। अदालत ने कहा कि वादी मुकदमा से छल करके उसके द्वारा दी गई धनराशि को सौदा रद्द होने के बावजूद भी आरोपी ने अपने उपयोग में लिया। इसलिए दंडित किए जाने के योग्य है।
विज्ञापन


सजा के प्रश्न पर अदालत ने कहा कि आरोपित की ओर से यह कहा गया है कि मामला सिविल प्रकृति का है, इसलिए कम से कम दंड से दंडित किया जाए जो कि स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। मात्र सिविल प्रकृति का प्रकरण होने के आधार पर अभियुक्त को उसके आपराधिक कृत्य के संदर्भ में किसी प्रकार का लाभ प्रदान किया जाना न्याय उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह था मामला
 हाईकोर्ट के समीक्षा अधिकारी अंकुर मालवीय ने सिविल लाइंस थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अलोपीबाग में एक मकान खरीदने के लिए उसने राजेश प्रताप सिंह से एक एग्रीमेंट किया। 50,000 रुपये का चेक उसे दिया। दर्शाए गए मकान का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ इसे खरीदने के लिए एलआईसी से 30 लाख रुपये का लोन भी स्वीकृत हो गया। राजेश के अनुरोध पर अंकुर ने 2 लाख रुपये नकद भी राजेश को दे दिया।

24 जुलाई 2015 को एक एग्रीमेंट तैयार हुआ जिसमें अंकुर ने राजेश प्रताप सिंह को 9,50,000 रुपये दिए जाने के बाबत पूरी बात लिखी, 24 जुलाई 2015 को राजेश के घर एग्रीमेंट देने गया तो वह घर पर नहीं मिला। 25 जुलाई 2015 को राजेश वादी के घर स्वयं गया और एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि जैसे वह कह रहा है वैसे एक कागज पर लिखकर दे दे जब कागज पर लिखवा लिया तो कहा कि इसे इस स्टैंप पेपर पर टाइप करा के लाइए तब हस्ताक्षर करेंगे।


राजेश ने पीने के लिए पानी मांगा। जब पानी देने के लिए अंकुर अपने घर के अंदर गया इस बीच राजेश चेक लेकर वहां से चला गया। अंकुर ने बैंक में इस चेक का स्टॉप पेमेंट करा दिया। इस चेक को आरोपित राजेश सिंह ने अपने खाते में लगा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed