High Court : अधिक रुपये लेने के मामले में कोर्ट ने एआरटीओ के खिलाफ जांच का दिया निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जब्त किए गए ट्रक को छोड़ने के लिए तीन अलग लोगों के मोबाइल फोन पर एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराने और बाद में मात्र 36,500 रुपये का चालान काटने के मामले को गंभीरता से लिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जब्त किए गए ट्रक को छोड़ने के लिए तीन अलग लोगों के मोबाइल फोन पर एक लाख 40 हजार रुपये जमा कराने और बाद में मात्र 36,500 रुपये का चालान काटने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने तत्कालीन एआरटीओ सुधेश तिवारी के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों की विस्तृत जांच कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव व न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने औरैया निवासी याची नारायण दास की याचिका पर दिया है।
याची का ट्रक 17 मई 2025 को एआरटीओ टीम ने पकड़ा था। कथित तौर पर 1.40 लाख का चालान बताकर यह राशि तीन अपंजीकृत व्यक्तियों के खाते में जमा कराई गई जबकि ट्रक रिलीज करते समय केवल 36,500 की चालान रसीद दी गई। याची अधिक जमा राशि न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने गए तो उन्हें भगा दिया गया।
इसके खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिनके मोबाइल नंबर पर पैसा जमा कराया गया वे परिवहन विभाग के कर्मचारी नहीं हैं। कोर्ट ने एसपी औरैया को इन आरोपों की तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सीओ रैंक के अधिकारी से तीन माह में जांच कराकर 5 जनवरी 2026 तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।