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कोर्ट : मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के खिलाफ अर्जी पर सीएमओ को जांच का आदेश

Thu, 06 Jan 2022 11:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 06 Jan 2022 11:00 PM IST
सार

वादी अमरेश मिश्रा ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 ( 3) के तहत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह एवं अन्य के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश पारित करने की याचना की है।

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Court: Order to investigate CMO on application against Principal of Medical College
मुकदमा - फोटो : demo pic

विस्तार

जिला न्यायालय ने इलाज के दौरान मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सेवानिवृत्त डॉ. जगदीश कुमार मिश्रा की मृत्यु मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह एवं अन्य के खिलाफ  दाखिल अर्जी पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तथ्यों की जांच कर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई दो फरवरी 2022 को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने वादी के अधिवक्ता को सुनकर दिया है।

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वादी अमरेश मिश्रा ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 ( 3) के तहत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह एवं अन्य के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश पारित करने की याचना की है। वादी का कहना है कि उसके पिता स्वर्गीय डॉ. जगदीश कुमार मिश्रा एवं डॉ. रमा मिश्रा मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए थे। वादी ने अपने पिता जगदीश कुमार मिश्रा को 14 अप्रैल 2021 को बुखार की शिकायत पर भर्ती किया। जिनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें आईसीयू में रखा गया।
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16 अप्रैल 2021 को उनकी मृत्यु हो गई। वादी का कहना है कि उसकी मां को भी 16 अप्रैल को भर्ती किया गया और उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई थी। बाद में 17 अप्रैल को रिपोर्ट नेगेटिव आने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। वादी का आरोप है कि उसके पिता के इलाज में घोर लापरवाही की गई जिससे उनकी मृत्यु हो गई। उसके द्वारा सूचना के अधिकार के तहत इलाज के दौरान के कागजात मांगे गए। जिसे देखने पर उसमें कूट रचना मिली। वादी ने यह भी आरोप लगाया है कि मृत्यु के पश्चात अपने बचाव में डॉक्टरों ने मूल बेड हेड टिकट गायब कर दिया था।
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वादी की अर्जी पर न्यायालय द्वारा सुनवाई की गई। न्यायालय ने आदेश पारित करने के पूर्व तथ्यों का सत्यापन कराया जाना आवश्यक समझा। कोर्ट ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह आवेदक के प्रार्थना पत्र एवं कागजातों के संदर्भ में प्रकरण की जांच करके दो फरवरी 2022 को आख्या न्यायालय में प्रस्तुत करें।

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