court : गूंगी-बहरी लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोपी को आठ वर्ष की सजा
आरोपित के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि आरोपित ने अपराध कारित किए जाने की बात स्वेच्छा से माना है इसलिए उसे कम से कम दंड से दंडित किया जाए। 19 अक्टूबर 2013 को थाना सोरांव में वादिनी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 20 वर्षीय पुत्री जो गूंगी और बहरी है।
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गूंगी बहरी लड़की से दुराचार करने के आरोपित गुलाम को जिला न्यायालय ने आठ वर्ष सात महीने 10 दिन की सजा और एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर सत्र न्यायधीश एफटीसी सुभाष चंद्र मौर्य ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मृत्युंजय त्रिपाठी के तर्कों को सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद फैसला सुनाया।
आरोपित के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि आरोपित ने अपराध कारित किए जाने की बात स्वेच्छा से माना है इसलिए उसे कम से कम दंड से दंडित किया जाए। 19 अक्टूबर 2013 को थाना सोरांव में वादिनी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी 20 वर्षीय पुत्री जो गूंगी और बहरी है। घर में अकेला पाकर पड़ोस का रहने वाले गुलाम ने उसके साथ दुराचार किया। आरोपित तभी से नैनी जेल में निरुद्ध है।
नाबालिग के साथ दुराचार का ओरपी दोषमुक्त
पांच वर्ष की नाबालिग बच्ची के साथ दुराचार करने के आरोपित सिराजु शेख को न्यायालय में दोषमुक्त कर दिया और नैनी जेल अधीक्षक को आदेशित किया यदि और किसी मामले में वांछित न हो तो उसको तत्काल रिहा किया जाए। यह आदेश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट वीरभद्र ने अभियोजन प्रपत्रों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद आरोपित को दोषमुक्त किया।
विशेष लोक अभियोजक विनय त्रिपाठी और सविता पाठक ने अदालत में सात लोगों का शपथ पूर्वक बयान दर्ज कराया था। तीन सितंबर 2018 को थाना करेली में पीड़िता के पिता ने मुकदमा दर्ज कराया था आरोप था कि पड़ोस का रहने वाला आरोपित सिराजु उसकी उसकी पांच वर्षीय पुत्री को बहला.फुसलाकर कछार के जंगल की तरफ ले गया और उसके साथ गंदी हरकत करने लगा।