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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Court cannot stay the dismissal order of the employee, the High Court set aside the interim order of the tribunal

Allahabad High Court : कर्मचारी के बर्खास्तगी आदेश पर कोर्ट नहीं लगा सकती रोक, हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के अंतरिम आदेश को किया रद्द

Sun, 19 Jun 2022 11:11 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 19 Jun 2022 11:11 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है । इलाहाबाद स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ( कैट ) की पीठ ने केंद्र सरकार के कर्मचारी रामप्रसाद की सेवा समाप्ति आदेश को अंतरिम आदेश के माध्यम से स्थगित कर दिया था ।

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Court cannot stay the dismissal order of the employee, the High Court set aside the interim order of the tribunal
allahabad high court - फोटो : social media

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्देश में कहा है कि किसी कर्मचारी की सेवा समाप्ति को अंतरिम आदेश के माध्यम से स्थगित कर देना उसे पूरी राहत देने के समान है। कोर्ट ने स्थगन आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की शीघ्र सुनवाई कर कैट को निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं। 

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यह आदेश न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है । इलाहाबाद स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण ( कैट ) की पीठ ने केंद्र सरकार के कर्मचारी रामप्रसाद की सेवा समाप्ति आदेश को अंतरिम आदेश के माध्यम से स्थगित कर दिया था। जिसको भारत सरकार द्वारा याचिका दाखिल कर चुनौती दी गई थी ।

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कैट ने वैधता का परीक्षण किए बिना है दे दिया स्थगन

केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे अधिवक्ता ने कहा कि कैट ने कर्मचारी की सेवा समाप्ति पर रोक लगाकर अंतरिम स्तर पर ही पूरी राहत दे दी है। कैट का सेवा समाप्ति पर रोक लगाने का आदेश याचिका में अंतिम राहत देने के समान है जो शुरुआत की सुनवाई के स्तर पर नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता का तर्क था कि सेवा समाप्ति आदेश की वैधता का परीक्षण किए बिना स्थगन आदेश देना विधि संगत नहीं है ।  


न्यायालय ने सरकार के अधिवक्ता के तर्कों को सही पाते हुए पाते हुए कहा कि कैट ने सेवा समाप्ति की वैधता का परीक्षण किए बिना ही स्थगन आदेश जारी किया है । ऐसा अंतरिम आदेश याची को पूर्ण अनुतोष दिये जाने के समान है।  कोर्ट ने कैट द्वारा दिए स्थगन आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की शीघ्र सुनवाई कर वाद निस्तारित करने के कैट को निर्देश दिया हैं । कोर्ट ने केंद्र की इस याचिका पर विपक्षी कर्मचारी को भी नोटिस जारी किया है।

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