Prayagraj : बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार सहित पांच लोगों की मौत, दंपती और मासूम बेटियों की गई जान
यमुनापार इलाके में शनिवार की देर रात बड़ा हादसा हो गया। बारा थाना क्षेत्र के सोनवर्षा हल्लाबोल गांव में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दंपती और उनकी दो मासूम बेटियां शामिल हैं। चारों लोग मड़ई में दो चारपाई पर सोए थे। इसी तरह शंकरगढ़ में भी बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई।
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बारा व शंकरगढ में दो जगह बिजली गिरने से एक परिवार के चार लोगों समेत पांच की मौत हो गई। बारा के सोनवर्षा गांव में दंपती व दो मासूम बेटियों जबकि शंकरगढ़ के कल्यानपुर गांव में युवक की जान चली गई। वहीं, एक अन्य मृतक की पत्नी भी झुलस गई है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
सोनवर्षा गांव के हल्ला बोल मजरे में मुसहर समुदाय के वीरेंद्र बनवासी (35) अपने परिवार के साथ झोपड़ी में सो रहे थे। रात करीब 12 बजे हल्की बारिश होने लगी। इसी दौरान झोपड़ी पर बिजली गिर गई और इसकी चपेट में आने से भीतर सो रहे वीरेंद्र, उनकी पत्नी पार्वती (32), बेटियों राधा (तीन) और करिश्मा (दो) की मौके पर ही मौत हो गई। झोपड़ी पूरी तरह राख हो गई और शव भी बुरी तरह झुलस गए। उधर, कल्यानपुर गांव में बिजली गिरने से अक्षय कुमार (30) पुत्र कृष्णा आदिवासी की मौत हो गई। जबकि, उसकी पत्नी कुसुम (28) गंभीर रूप से झुलस गई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भेजकर इलाज कराया गया।
एसडीएम ने दी आर्थिक सहायता
रविवार को उप जिलाधिकारी बारा संदीप तिवारी अन्य अफसरों संग घटनास्थलों पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। बताया कि मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दैवीय आपदा कोष से दिए जाएंगे। सोनवर्षा गांव के मृतक के परिजनों को एक आवास भी दिलाया जाएगा। दंपती की जीवित बचीं दोनों बेटियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की योजना के अंतर्गत बालिग होने तक छात्रवृत्ति प्रदान कराई जाएगी। कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है। उधर, घटना की जानकारी पर विधायक बारा डॉ. वाचस्पति भी दोनों गांवों में पहुंचे। पीड़ित के परिजनों से मुलाकात कर कहा कि सरकार उनके साथ है। हरसंभव मदद की जाएगी।
कुछ घंटे पहले ही बगल के घर में गई थीं दो बेटियां
बारा में बिजली गिरने से मृत वीरेंद्र की दो बेटियां सोन कुमारी (आठ) और आंचल (छह) इस हादसे में बाल-बाल बच गईं। दादा ने बताया कि कुछ घंटे पहले ही दोनों बगल में स्थित दूसरे घर में उनके पास चली आई थीं। रात होने पर यहीं सो गईं। माता-पिता व दो बहनों की मौत से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उधर, उनके दादा भी गहरे सदमे में दिखाई दिए।