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परिषदीय विद्यालयों की किताबें अब नए कलेवर मे

Thu, 25 Aug 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 25 Aug 2016 02:18 AM IST
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Council school books in the new text,
books, jhansi hindi news - फोटो : demo
इलाहाबाद। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में चलने वाली किताबें अब बच्चों एवं शिक्षकों को नए कलेवर में मिलेंगी। राज्य शिक्षा संस्थान उत्तर प्रदेश की ओर से डिजाइन की गई नई किताबों में बच्चों को अच्छी आदतों से जोड़ने की पहल की गई है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की झलक दिखाई पड़ रही है। परिषदीय विद्यालयों में चलने वाली सभी 54 किताबों को छात्रों की अभिरुचि विकसित करने के लिए नए कलेवर में प्रस्तुत किया गया है। इसके तहत विज्ञान-गणित की किताबों को राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान, अंग्रेजी की किताबों को आंग्ल भाषा शिक्षा संस्थान एवं हिंदी की किताबाें को हिंदी संस्थान वाराणसी तैयार कराता है। 
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राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की पहल पर किताबों को नए कलेवर में डिजाइन करने का काम राज्य शिक्षा संस्थान को सौंपा गया। संस्थान के प्राचार्य दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि एससीईआरटी केनिदेशक डॉ.सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह के निर्देशन में पूरी किताबों को नया कलेवर दिया गया।
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 हर महीने क्या पढ़ें की जानकारी
नई किताब में पाठ्यक्रम के स्तर पर कोई बदलाव नहीं किया गया है बल्कि इसे रोचक बनाने की कोशिश की गई है। इसमें हर महीने पढ़ाए जाने वाले पाठ्यक्रम का विभाजन किया गया है। सीबीएसई एवं देश के दूसरे शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर किताब में छात्र, शिक्षक एवं अभिभावक के लिए अलग-अलग लर्निंग इंडीकेटर दिए गए हैं। इसके जरिए कम पढ़ा लिखा अभिभावक भी आसानी से अपने बच्चे की प्रगति को जांच-परख सकेगा। शिक्षक किस प्रकार से बच्चे को तैयार करें, इसकी भी पूरी जानकारी किताब में दी गई है। लर्निंग इंडीकेटर में छात्रों के विकास की क्रमबद्घ जानकारी शामिल की गई है। 
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 नई किताब में खास-खास
 स्वच्छ रहें, स्वस्थ रहें पर जोर
 अच्छी आदतें शीर्षक से खुले में शौच नहीं करने, प्रतिदिन प्रात:काल शौच अवश्य जाने, शौचालय का प्रयोग करने, शौच के बाद पानी डालने और शौच के बाद 20 सेकेंड तक रगड़ कर हाथ धोने की सीख दी गई है।
प्रतिदिन स्नान करने, दांत, मुंह, नाक, कान, आंख, नाखून, बाल एवं शरीर को हमेशा साफ रखने के साथ नाखून कटवाते रहने की सीख दी गई है। छींकते एवं खांसते समय मुंह पर हाथ, रूमाल रखने, साफ बर्तन में खाना खाने, मिड-डे मील के लिए घर से साफ बर्तन लेकर आने की बात कही गई है।

 अपने पास-पड़ोस एवं विद्यालय को साफ रखने, कूड़े को कूड़ेदान में डालने, पॉलीथिन का प्रयोग कभी न करने, हमेशा कपड़े, जूट और कागज के थैलों का प्रयोग करने सहित सड़क पर तथा आस-पड़ोस में कूड़ा न फेंकने की सीख दी गई है।
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