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केशव प्रसाद मौर्य के पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़कों में करोड़ों का घोटाला, 20 अभियंताओं की गर्दन फंसी
Sun, 04 Aug 2019 06:58 AM IST
Abhishek Singh
अनूप ओझा, प्रयागराज
अनूप ओझा, प्रयागराज
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 04 Aug 2019 06:58 AM IST
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सड़क निर्माण में धांधली (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media (File Photo)
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के विभाग पीडब्ल्यूडी में सड़कों के निर्माण में खुलकर मानकों की अनदेखी पकड़ी गई है। सड़कों के निर्माण में अफसरों की मिलीभगत से जमकर अंधेरगर्दी की गई। निर्माण खंड-4(कुंभ मेला) डिवीजन की सड़कों में बिना काम पूरा कराए करोड़ों रुपये का भुगतान करा लिया गया। ठेका फर्मों ने आधा-अधूरा जो काम कराया भी, वह अधोमानक पाया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि यह सड़कें कुंभ के बजट से स्वीकृत नहीं थीं।
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इस मामले में कुंभ मेला डिवीजन के एक्सईएन विपिन पचौरिया व प्रोन्नति पाकर कुंभ से पहले अधीक्षण अभियंता बने केके पाहूजा समेत 20 अभियंताओं की गर्दन फंस गई है। स्टेट लेबल कमेटी की जांच में सड़क निर्माण में करोड़ों रुपये की हुई अनियमितता में मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल पर भी तलवार लटक गई है।
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प्रमुख अभियंता वीके सिंह ने इन अभियंताओं को गड़बड़ी का जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप पत्र जारी कर घोटाले की धनराशि की रिकवरी कराने का निर्देश दिया है। मई 2018 में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 17.7 किमी लंबे बलरामपुर बाजार से रेलवे क्रासिंग पार होते हुए लीलापुर-जीटी रोड मार्ग का बांड गठित हुआ था। इस सड़क के निर्माण में मानक को ताक पर रखकर काम कराया गया। काम पूरा कराए बिना ही 80 फीसदी भुगतान भी करा लिया गया। इसमें बिटुमिन की मात्रा का ध्यान नहीं रखा गया, साथ ही बीसी एवं डीवीएम की डेंसिटी बेहद कम पाई गई। इसी तरह 16 किमी लंबे कटरा-खानपुर से भरतपुर-मदारी मार्ग पर भी काम मानक के अनुरूप पूरा कराए बिना कराए ही 50 फीसदी से अधिक भुगतान करा लिया गया है। इस मामले में जांच रिपोर्ट के बाद शासन ने सख्त रुख अपनाया है।
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बलरामपुर बाजार मार्ग पर 70 लाख की रिकवरी
पीडब्ल्यूडी में मानक के विपरीत सड़क निर्माण पर शासन की सख्ती से अभियंताओं-ठेकेदारों पर शिकंता कस गया है। बलरामपुर बाजार से रेलवे क्रासिंग पार होते हुए लीलापुर-जीटी रोड का निर्माण कराने वाली ठेका फर्म शिवम कंस्ट्रक्शन से 70 लाख रुपये की रिकवरी कर ली गई है। दूसरी फर्म प्रिया कंस्ट्रक्शन पर भी तलवार लटकी हुई है। इस मामले में कार्रवाई की जद में आए अभियंताओं पर जल्द ही निलंबन की कार्रवाई होने के संकेत मिले हैं।
निर्माण खंड-4 के इन अभियंताओं पर लटकी तलवार
एक्सईएन विपिन पचौरिया( हाल में ही एटा स्थानांतरित), केके पाहूजा(अधीक्षण अभियंता के पद पर कानपुर स्थानांतरित), एई यूपी सिंह, सत्येंद्र नाथ, धनीराम पटेल के अलावा 15 सहायक अभियंताओं पर गड़बड़ी का आरोप शासन ने तय किए हैं। अवर अभियंताओं में श्रीराम सिंह, डीएन सिंह यादव, रवि कुमार, सुमित सिंह, दिनेश सिंह बघेल, यमुना प्रसाद तिवारी, राज कुमार, तेज स्वरूप सोनी, दीपक कुमार, अरुण त्रिपाठी, नीरज गुप्ता, सरोज कुमार मिश्रा, बीके मिश्रा, महेंद्र शुक्ला के नाम शामिल हैं।