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कोरोना जांच रिपोर्ट के बिना कल्पवास के लिए शिविर में नहीं मिलेगी जगह
Mon, 07 Dec 2020 01:25 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 07 Dec 2020 01:25 AM IST
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संगम की रेती पर बसने वाले माघ मेले में कल्पवास की सुविधा को लेकर रविवार को तीर्थ पुरोहितों ने मंथन किया। तीर्थपुरोहित ही कल्पवासियों को बसाते रहे हैं। तय किया गया कि बिना कोरोना जांच रिपोर्ट के आने वाले किसी भी कल्पवासी को शिविर में सुविधा नहीं दी जाएगी। सुरक्षित तरीके से माघ मेला कराने के लिए हर स्तर पर सजग रहने की बात कही गई। साथ ही प्रयागवाल तख्त पर नाई और नाविक की दरें एक समान रखने की भी बात कही गई।
रविवार को प्रयागवाल सभा की बैठक में तीर्थ पुरोहितों ने सुरक्षित माघ मेला बसाने के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। तीर्थपुरोहितों का कहना था कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही मेला में टेंट सुविधाएं कल्पवासियों को प्रदान की जाएंगी। कल्पवास की परंपरा को बचाने के लिए किसी भी तरह की चूक न होने देने का निर्णय लिया गया।
महासभा के महामंत्री राजेंद्र पालीवाल का कहना था कि माघ मेला में महीने भर संगम तट पर जप, तप, ध्यान करने वाले कल्पवासियों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए कल्पवास करने वाले हर श्रद्धालु की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में बिना जांच रिपोर्ट के किसी भी कल्पवासी को तीर्थपुरोहितों को शिविर की सुविधा नहीं दी जाएगी।
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साथ ही प्रस्ताव लाया गया कि प्रयागवाल तख्त पर नाई,नाविक की दरें एक समान निर्धारित की जाएं। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष, सुभाष पांडेय, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी, गोपाल मिश्र, वीरेंद्र तिवारी, दिनकर पांडेय, अनुज तिवारी, अमित पांडेय, प्रवीन पाठक, विमलेंद्र पांडेय, रवि मिश्र, राजेश पांडेय, राधे श्याम काला, आशीष शर्मा, मनोज कराही, विशाल पांडेय, शिवकांत छीट वाले,संगम लाल, मदन पंडा,सुधांशु पांडेय, विजय मिश्र, आलोक शर्मा, दिनेश पांडेय, राजू भारद्वाज, रवि तिवारी, हरीराम,राज कुमार मिश्र, गणेश केला वाले, बब्लू काला, मगन लाल पांडेय सहित सैकड़ों तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे।
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रविवार को प्रयागवाल सभा की बैठक में तीर्थ पुरोहितों ने सुरक्षित माघ मेला बसाने के पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। तीर्थपुरोहितों का कहना था कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही मेला में टेंट सुविधाएं कल्पवासियों को प्रदान की जाएंगी। कल्पवास की परंपरा को बचाने के लिए किसी भी तरह की चूक न होने देने का निर्णय लिया गया।
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महासभा के महामंत्री राजेंद्र पालीवाल का कहना था कि माघ मेला में महीने भर संगम तट पर जप, तप, ध्यान करने वाले कल्पवासियों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए कल्पवास करने वाले हर श्रद्धालु की कोरोना जांच अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में बिना जांच रिपोर्ट के किसी भी कल्पवासी को तीर्थपुरोहितों को शिविर की सुविधा नहीं दी जाएगी।
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साथ ही प्रस्ताव लाया गया कि प्रयागवाल तख्त पर नाई,नाविक की दरें एक समान निर्धारित की जाएं। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष, सुभाष पांडेय, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी, गोपाल मिश्र, वीरेंद्र तिवारी, दिनकर पांडेय, अनुज तिवारी, अमित पांडेय, प्रवीन पाठक, विमलेंद्र पांडेय, रवि मिश्र, राजेश पांडेय, राधे श्याम काला, आशीष शर्मा, मनोज कराही, विशाल पांडेय, शिवकांत छीट वाले,संगम लाल, मदन पंडा,सुधांशु पांडेय, विजय मिश्र, आलोक शर्मा, दिनेश पांडेय, राजू भारद्वाज, रवि तिवारी, हरीराम,राज कुमार मिश्र, गणेश केला वाले, बब्लू काला, मगन लाल पांडेय सहित सैकड़ों तीर्थ पुरोहित उपस्थित थे।