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कोरोना: नए बंदियों के लिए बनाई जाएगी अस्थायी जेल
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कोरोना: नए बंदियों के लिए बनाई जाएगी अस्थायी जेल
कोविड-19 की जांच के बाद 14 दिन इसी जेल में रहेंगे बंदी
अपर मुख्य सचिव गृह ने संक्रमण के मद्देनजर दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला कारागार में अब नए बंदियों को 14 दिनों तक एंट्री नहीं मिलेगी। कोविड-19 की जांच कराने के बाद इन्हें अस्थायी जेल में रखा जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही स्थाई कारागार में शिफ्ट किया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अपर मुख्य सचिव गृह ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया है। आदेश के मद्देनजर जेल प्रशासन ने अस्थायी कारागार के लिए जगहों की तलाश शुुरू कर दी है।
कोरोना संक्रमण देशभर में तेजी से पांव पसार रहा है। मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। कौशाम्बी जिले में भी अब वायरस शहरी इलाकों से लेकर गांवों तक फैल चुका है। जेल में निरुद्ध बंदियों-कैदियों को संक्रमण अपनी गिरफ्त में न ले पाए, इसे लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने मंगलवार को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब नए बंदियों की पहले कोविड.19 की जांच कराई जाए। जांच में वे संक्रमित मिलते हैं तो कोविड अस्पताल भेजकर पुलिस की देखरेख में उपचार कराया जाएगा। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी 14 दिनों तक अस्थाई जेल में रखा जाए। फिर स्थाई जेल शिफ्ट किया जाएगा। कौशाम्बी कारागार अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि अस्थाई जेल के लिए जगह तलाशी जा रही है। टेवां स्थित स्टेडियम, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि जगहें देखी गई हैं। फिलहाल कुछ फाइनल नहीं हो सका है। जेलर के मुताबिक दो से तीन दिन के भीतर स्थाई जेल बना दी जाएगी।
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जेल जैसी ही होगी अस्थाई जेल
मंझनपुर। अस्थाई जेल में बंदियों को किसी तरह की कोई रियायत नहीं मिलेगी। उसी तरह सुबह.शाम गणना होगी। मेस का खाना मिलेगा। जेल पुलिस की निगहबानी होगी। इतना जरूर रहेगा कि इन 14 दिनों तक किसी को भी मुलाकात करने नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा ड्यूटी पर रहने वाले जेल पुलिस के कर्मचारियों को बंदियों से उचित दूरी बनाकर रहना होगा। उन्हें नियमित मास्क का उपयोग करना होगा। जरूरत पड़ी तो जेल कर्मचारियों को पीपीई भी मुहैया कराया जाएगा।
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कोविड-19 की जांच के बाद 14 दिन इसी जेल में रहेंगे बंदी
अपर मुख्य सचिव गृह ने संक्रमण के मद्देनजर दिया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। जिला कारागार में अब नए बंदियों को 14 दिनों तक एंट्री नहीं मिलेगी। कोविड-19 की जांच कराने के बाद इन्हें अस्थायी जेल में रखा जाएगा। पूरी तरह स्वस्थ होने पर ही स्थाई कारागार में शिफ्ट किया जाएगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अपर मुख्य सचिव गृह ने मंगलवार को यह आदेश जारी किया है। आदेश के मद्देनजर जेल प्रशासन ने अस्थायी कारागार के लिए जगहों की तलाश शुुरू कर दी है।
कोरोना संक्रमण देशभर में तेजी से पांव पसार रहा है। मरीजों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। कौशाम्बी जिले में भी अब वायरस शहरी इलाकों से लेकर गांवों तक फैल चुका है। जेल में निरुद्ध बंदियों-कैदियों को संक्रमण अपनी गिरफ्त में न ले पाए, इसे लेकर प्रदेश सरकार गंभीर हो गई है। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने मंगलवार को निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब नए बंदियों की पहले कोविड.19 की जांच कराई जाए। जांच में वे संक्रमित मिलते हैं तो कोविड अस्पताल भेजकर पुलिस की देखरेख में उपचार कराया जाएगा। रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी 14 दिनों तक अस्थाई जेल में रखा जाए। फिर स्थाई जेल शिफ्ट किया जाएगा। कौशाम्बी कारागार अधीक्षक बीएस मुकुंद ने बताया कि अस्थाई जेल के लिए जगह तलाशी जा रही है। टेवां स्थित स्टेडियम, पॉलिटेक्निक, आईटीआई आदि जगहें देखी गई हैं। फिलहाल कुछ फाइनल नहीं हो सका है। जेलर के मुताबिक दो से तीन दिन के भीतर स्थाई जेल बना दी जाएगी।
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जेल जैसी ही होगी अस्थाई जेल
मंझनपुर। अस्थाई जेल में बंदियों को किसी तरह की कोई रियायत नहीं मिलेगी। उसी तरह सुबह.शाम गणना होगी। मेस का खाना मिलेगा। जेल पुलिस की निगहबानी होगी। इतना जरूर रहेगा कि इन 14 दिनों तक किसी को भी मुलाकात करने नहीं दिया जाएगा। सुरक्षा ड्यूटी पर रहने वाले जेल पुलिस के कर्मचारियों को बंदियों से उचित दूरी बनाकर रहना होगा। उन्हें नियमित मास्क का उपयोग करना होगा। जरूरत पड़ी तो जेल कर्मचारियों को पीपीई भी मुहैया कराया जाएगा।
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