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मिड-डे मील कनवर्जन कॉस्ट में सात फीसदी की वृद्धि
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 06 Jul 2016 01:10 AM IST
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स्कूलों में समय पर तैयार नहीं हो सका खाना
- फोटो : अमर उजाला
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मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से मिड-डे मील की कनवर्जन कॉस्ट में महज सात फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। देश एवं प्रदेश के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को स्कूल में मिलने वाले मिड-डे मील की लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए यह वृद्धि की गई है। सरकार की ओर से मिड-डे मील की कीमत में मात्र 54 पैसे की बढ़ोतरी बच्चों को पोषक भोजन देने की मंशा पर सवालिया निशान लगा रही है। ‘अमर उजाला’ की ओर से 30 जून को साढ़े तीन रुपये में मिड-डे मील में कैसे मिलेगा फल शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। इस खबर के प्रकाशन के दूसरे दिन केंद्र सरकार की ओर से मिड-डे मील कनवर्जन कॉस्ट में मात्र 54 पैसे की बढ़ोतरी की गई है।
आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश एवं केंद्र सरकार समय-समय पर मिड-डे मील के मेन्यू में बदलाव करती रहती हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जुलाई में बच्चों को सोमवार को मिड-डे मील के साथ एक मौसमी फल देने की घोषणा की गई थी। तय कनवर्जन कॉस्ट में फल वितरण की सूचना के बाद अमर उजाला ने अपने 30 जून के अंक में खबर प्रकाशित की थी कि आखिर इतनी मंहगाई के बीच पुरानी कनवर्जन कॉस्ट पर कैसे फल वितरित किया जाएगा। इस खबर केप्रकाशन के बाद केंद्र सरकार ने प्राथमिक के लिए 4.13 रूपए एवं उच्च प्राथमिक के लिए 6.16 रूपए कनवर्जन कॉस्ट किया गया है।
सरकार की ओर से कनवर्जन मनी में मात्र सात फीसदी की वृद्धि बच्चों को कैसे पौष्टिक भोजन देने की हवा निकाल रहा है। दाल, सोयाबीन और हरी सब्जी के बदले बच्चों को मात्र दाल का घोल और खिचड़ी देकर काम चलाया जा रहा है। सरकार की ओर से एक बच्चे के लिए मात्र 4.13 रुपये कनवर्जन मनी तय की गई है। इसी पैसे से ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को दाल, सब्जी, नमक, मशाला, तेल-घी, दूध, मेवे आदि की व्यवस्था करनी होगी। मिड डे मील के लिए खाद्य सामग्री चावल, गेहूं की व्यवस्था प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद विभाग करता है। खाना पकाने के लिए लकड़ी अथवा गैस सिलेंडर तथा रसोइये की व्यवस्था भी 4.13 रुपये कनवर्नन मनी से ही करना होगा।
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आठवीं कक्षा तक के बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश एवं केंद्र सरकार समय-समय पर मिड-डे मील के मेन्यू में बदलाव करती रहती हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जुलाई में बच्चों को सोमवार को मिड-डे मील के साथ एक मौसमी फल देने की घोषणा की गई थी। तय कनवर्जन कॉस्ट में फल वितरण की सूचना के बाद अमर उजाला ने अपने 30 जून के अंक में खबर प्रकाशित की थी कि आखिर इतनी मंहगाई के बीच पुरानी कनवर्जन कॉस्ट पर कैसे फल वितरित किया जाएगा। इस खबर केप्रकाशन के बाद केंद्र सरकार ने प्राथमिक के लिए 4.13 रूपए एवं उच्च प्राथमिक के लिए 6.16 रूपए कनवर्जन कॉस्ट किया गया है।
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सरकार की ओर से कनवर्जन मनी में मात्र सात फीसदी की वृद्धि बच्चों को कैसे पौष्टिक भोजन देने की हवा निकाल रहा है। दाल, सोयाबीन और हरी सब्जी के बदले बच्चों को मात्र दाल का घोल और खिचड़ी देकर काम चलाया जा रहा है। सरकार की ओर से एक बच्चे के लिए मात्र 4.13 रुपये कनवर्जन मनी तय की गई है। इसी पैसे से ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक को दाल, सब्जी, नमक, मशाला, तेल-घी, दूध, मेवे आदि की व्यवस्था करनी होगी। मिड डे मील के लिए खाद्य सामग्री चावल, गेहूं की व्यवस्था प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद विभाग करता है। खाना पकाने के लिए लकड़ी अथवा गैस सिलेंडर तथा रसोइये की व्यवस्था भी 4.13 रुपये कनवर्नन मनी से ही करना होगा।
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