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पीसीएस प्री-2018 को लेकर भी विवाद
Sun, 02 Jun 2019 06:44 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 02 Jun 2019 06:44 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोेक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) में भर्ती परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा भी विवादों के घेरे में है। आयोग की ओर से गलत उत्तरकुंजी जारी किए जाने पर अभ्यर्थियों ने हंगामा खड़ा कर दिया है और अयोग पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। अभ्यर्थियों का दावा है कि आयोग ने अपनी गलती मानते हुए बाद में जो संशोधित उत्तरकुंजी जारी की है, उस हिसाब से तमाम अभ्यर्थी कटऑफ से अधिक अंक पा रहे हैं लेकिन आयोग ने उन्हें मेरिट से बाहर करते हुए प्रारंभिक परीक्षा में असफल घोषित कर दिया। अभ्यर्थी अब नया परिणाम जारी करने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, आयोग ने अपनी वेबसाइट पर गलती से अंतिम की जगह अनंतिम उत्तरकुंजी जारी कर दी थी। इस पर तमाम अभ्यर्थियों ने आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, क्योंकि वेबसाइट पर गलती से जारी हुई अंतिम उत्तरकुंजी में कोई संशोधन नहीं किया गया था जबकि अभ्यर्थियों ने अनंतिम उत्तरकुंजी के कई सवालों पर आपत्ति दर्ज कराई थी और उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनकी आपत्तियों पर आयोग अंतिम उत्तरकुंजी में संशोधन करेगा। हालांकि बाद में आयोग ने अपनी गलती मानी और संशोधित की गई अंतिम उत्तरकुंजी जारी की, जिसमें चार नए बदलाव किए गए।
इन बदलावों के तहत चार नए सवालों के दो-दो विकल्पों को सही जवाब माना गया। संशोधित उत्तरकुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने जब हल किए गए सवालों और अंतिम उत्तरकुंजी के बीच तुलना की तो तमाम अभ्यर्थियों को कटऑफ से अधिक अंक मिल रहे हैं लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें असफल घोषित कर दिया गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का आरोप है कि आयोग की लापरवाही के कारण कई मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। जब चार सवाल बदले गए तो परिणाम स्वत: ही बदल गया। अभ्यर्थियों की ओर से अवनीश पांडेय ने मांग की है कि आयोग तत्काल नया कटऑफ, नया परिणाम और अभ्यर्थियों की नई मार्कशीट जारी करे।
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‘पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट अंतिम रूप से संशोधित उत्तरकुंजी के आधार पर ही बनाई गई है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। फिर भी किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति है तो वह अपना प्रत्यावेदन आयोग में दे सकता है।’ जगदीश, सचिव, यूपीपीएससी
इन चार सवालों में हुआ बदलाव
1. सुरक्षा के लिए मराठों के राजस्व के दावों को किस नाम से जाना जाता है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 41)
- पहले आयोग ने इसका जवाब ‘चौथ’ माना था लेकिन अब एक अन्य विकल्प ‘सरदेश मुखी’ को भी सही जवाब माना है।
2.भारत सरकार द्वारा घोषित ‘ए बी सी’ इंडेक्स निम्नलिखित में किससे संबंधित है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 67)
- आयोग ने पहले सही जवाब ‘स्वास्थ्य’ माना लेकिन संशोधित उत्तरकुंजी में एक अन्य विकल्प ‘शिक्षा’ को भी सही जवाब मान लिया है।
3. निम्नलिखित में कौन सामान्य परिस्थिति में वृक्ष के पत्तों की तरह सरसराहट को डेसीबल स्तर प्रदर्शित करता है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 72)
- आयोग ने पहले ‘20 डीबी’ को सही जवाब बताया था लेकिन अब एक अन्य विकल्प ‘10 डीबी’ को भी सही मान लिया है।
4. निम्नलिखित युग्मों में कौन सही सुमेलित नहीं है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 118)
- आयोग ने पहले ‘रसखान-रसिक प्रिया’ को सही विकल्प माना था लेकिन संशोधित उत्तरकुंजी में एक अन्य विकल्प ‘धुवदास-भगत नामावली’ को भी सही जवाब मान लिया है।
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दरअसल, आयोग ने अपनी वेबसाइट पर गलती से अंतिम की जगह अनंतिम उत्तरकुंजी जारी कर दी थी। इस पर तमाम अभ्यर्थियों ने आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, क्योंकि वेबसाइट पर गलती से जारी हुई अंतिम उत्तरकुंजी में कोई संशोधन नहीं किया गया था जबकि अभ्यर्थियों ने अनंतिम उत्तरकुंजी के कई सवालों पर आपत्ति दर्ज कराई थी और उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उनकी आपत्तियों पर आयोग अंतिम उत्तरकुंजी में संशोधन करेगा। हालांकि बाद में आयोग ने अपनी गलती मानी और संशोधित की गई अंतिम उत्तरकुंजी जारी की, जिसमें चार नए बदलाव किए गए।
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इन बदलावों के तहत चार नए सवालों के दो-दो विकल्पों को सही जवाब माना गया। संशोधित उत्तरकुंजी जारी होने के बाद अभ्यर्थियों ने जब हल किए गए सवालों और अंतिम उत्तरकुंजी के बीच तुलना की तो तमाम अभ्यर्थियों को कटऑफ से अधिक अंक मिल रहे हैं लेकिन प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें असफल घोषित कर दिया गया है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का आरोप है कि आयोग की लापरवाही के कारण कई मेधावी अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। जब चार सवाल बदले गए तो परिणाम स्वत: ही बदल गया। अभ्यर्थियों की ओर से अवनीश पांडेय ने मांग की है कि आयोग तत्काल नया कटऑफ, नया परिणाम और अभ्यर्थियों की नई मार्कशीट जारी करे।
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‘पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा की मेरिट अंतिम रूप से संशोधित उत्तरकुंजी के आधार पर ही बनाई गई है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है। फिर भी किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति है तो वह अपना प्रत्यावेदन आयोग में दे सकता है।’ जगदीश, सचिव, यूपीपीएससी
इन चार सवालों में हुआ बदलाव
1. सुरक्षा के लिए मराठों के राजस्व के दावों को किस नाम से जाना जाता है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 41)
- पहले आयोग ने इसका जवाब ‘चौथ’ माना था लेकिन अब एक अन्य विकल्प ‘सरदेश मुखी’ को भी सही जवाब माना है।
2.भारत सरकार द्वारा घोषित ‘ए बी सी’ इंडेक्स निम्नलिखित में किससे संबंधित है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 67)
- आयोग ने पहले सही जवाब ‘स्वास्थ्य’ माना लेकिन संशोधित उत्तरकुंजी में एक अन्य विकल्प ‘शिक्षा’ को भी सही जवाब मान लिया है।
3. निम्नलिखित में कौन सामान्य परिस्थिति में वृक्ष के पत्तों की तरह सरसराहट को डेसीबल स्तर प्रदर्शित करता है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 72)
- आयोग ने पहले ‘20 डीबी’ को सही जवाब बताया था लेकिन अब एक अन्य विकल्प ‘10 डीबी’ को भी सही मान लिया है।
4. निम्नलिखित युग्मों में कौन सही सुमेलित नहीं है? (बुकलेट ‘सी’ का सवाल नंबर 118)
- आयोग ने पहले ‘रसखान-रसिक प्रिया’ को सही विकल्प माना था लेकिन संशोधित उत्तरकुंजी में एक अन्य विकल्प ‘धुवदास-भगत नामावली’ को भी सही जवाब मान लिया है।