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एफआरसी से हटाए गए संविदा कर्मी
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एफआरसी से हटाए गए संविदा कर्मी
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने जारी किया आदेश
कॉन्ट्रैक्ट निरस्त होने पर संयुक्त संघर्ष समिति ने उठाए सवाल
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के फैकल्टी रिकूटमेंट सेल (एफआरसी) में तैनात संविदा कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं हैं। इस बाबत इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने आदेश जारी कर दिए हैं। कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों को बाहर किए जाने को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं हैं।
इविवि के रजिस्ट्रार की ओर से कार्यालय आदेश जारी किया गया है कि एफआरसी में जिन कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया था, उनका कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। इस मसले पर रविवार को हुई संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह, दिनेश यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, छात्र नेता इलियास अदनान ने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पूर्व में ही विश्वविद्यालय में नियुक्तियों पर रोक लगाई जा चुकी है और अब नियुक्तियों के रद्द होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
इसी से बचने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इविवि प्रशासन गड़े मुर्दे उखाड़ रहा है, जिनमें चार साल पहले पूर्व ज्वाइंट रजिस्ट्रार पर लगे यौन शोषण से संबंधित मामला भी शामिल है। उधर, इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह का कहना है कि एफआरसी में जब कार्य की अधिकता होती है तो संविदा पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। पिछले महीने अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति हो चुकी है। फिलहाल कोई कार्य नहीं है। जब एफआरसी में कार्य होगा तो पुन: नए सिरे से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने जारी किया आदेश
कॉन्ट्रैक्ट निरस्त होने पर संयुक्त संघर्ष समिति ने उठाए सवाल
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के फैकल्टी रिकूटमेंट सेल (एफआरसी) में तैनात संविदा कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं हैं। इस बाबत इविवि के रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ला ने आदेश जारी कर दिए हैं। कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए कर्मचारियों को बाहर किए जाने को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गईं हैं।
इविवि के रजिस्ट्रार की ओर से कार्यालय आदेश जारी किया गया है कि एफआरसी में जिन कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया था, उनका कॉन्ट्रैक्ट तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। इस मसले पर रविवार को हुई संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, पूर्व अध्यक्ष ऋचा सिंह, दिनेश यादव, पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, छात्र नेता इलियास अदनान ने कहा कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से पूर्व में ही विश्वविद्यालय में नियुक्तियों पर रोक लगाई जा चुकी है और अब नियुक्तियों के रद्द होने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
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इसी से बचने और लोगों का ध्यान भटकाने के लिए इविवि प्रशासन गड़े मुर्दे उखाड़ रहा है, जिनमें चार साल पहले पूर्व ज्वाइंट रजिस्ट्रार पर लगे यौन शोषण से संबंधित मामला भी शामिल है। उधर, इविवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार सिंह का कहना है कि एफआरसी में जब कार्य की अधिकता होती है तो संविदा पर कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है। पिछले महीने अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति हो चुकी है। फिलहाल कोई कार्य नहीं है। जब एफआरसी में कार्य होगा तो पुन: नए सिरे से कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी।
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