फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Construction of children's hospital remains incomplete even after seven years; High Court expresses displeasur

हाईकोर्ट : सात साल में भी पूरा नहीं हुआ बच्चों के अस्पताल का निर्माण, हाईकोर्ट नाराज

Thu, 15 Oct 2026 05:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 15 Oct 2026 05:54 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए बन रहे 200 बेड के भवन का निर्माण सात साल में भी पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि शहर के बच्चों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे भवन का समय पर पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

विज्ञापन
Construction of children's hospital remains incomplete even after seven years; High Court expresses displeasur
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए बन रहे 200 बेड के भवन का निर्माण सात साल में भी पूरा नहीं होने पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि शहर के बच्चों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाए जा रहे भवन का समय पर पूरा नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने ठेकेदार को शेष काम पूरा करने के लिए 15 दिन का समय देते हुए कंपनी की ब्लैकलिस्टिंग के आदेश पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक संजीव सिंह और निर्माण कंपनी आरसीबी इंफ्राकॉन्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रोहित अवस्थी को 29 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। दोनों को किए गए प्रयासों का ब्योरा हलफनामे के साथ पेश करना होगा।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान ठेकेदार ने आरोप लगाया कि विभाग ने अतिरिक्त काम कराया, लेकिन कुछ भुगतान नहीं किया। उसने कहा कि ब्लैकलिस्ट किए जाने से काम प्रभावित हुआ है। ठेकेदार ने 15 दिन में शेष काम पूरा करने और दो और लिफ्ट लगाने का आश्वासन दिया। वहीं, यूपी सिडको के प्रबंध निदेशक ने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने जानबूझकर परियोजना में देरी की है। उनके अनुसार करीब 30 करोड़ रुपये की परियोजना में 50 लाख रुपये छोड़कर शेष भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने दोनों के एक-दूसरे पर आरोप लगाने के रवैये पर नाराजगी जताई। कहा कि डेढ़ साल से मामले की निगरानी के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी। करीब 200 बेड का यह भवन बच्चों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने ठेकेदार को काम पूरा करने का एक और अवसर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed