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Prayagraj News: जिले के 1540 गांवों में 4741 शौचालयों का निर्माण अधूरा
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले में खुले में शौच मुक्ति की दिशा में व्यापक कार्य हुआ है। अब तक जिले में पांच लाख से अधिक निजी शौचालयों का निर्माण हो चुका है लेकिन 4741 शौचालयों का निर्माण अभी अधूरा है। कारण, लाभार्थियों को अब तक दूसरी किस्त जारी नहीं की गई है।
जिले की 1540 ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्य कई माह से ठप हैं। ग्रामीण लाभार्थियों को पहली किस्त तो मिल गई लेकिन दूसरी किस्त जारी न होने के कारण निर्माण अधर में लटक गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में कई परिवार खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शासन ने शौचालय निर्माण की धनराशि एसएमएस फर्स्ट प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की व्यवस्था की है। हालांकि पिछले कुछ महीनों से शासन स्तर से धनराशि न आने से यह प्रक्रिया अटक गई है।
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पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन से बजट प्राप्त होते ही अधूरे शौचालयों का निर्माण पूरा कराया जाएगा ताकि जिले को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा हो सके।
शासन से एसएमएस फर्स्ट प्रणाली के तहत धनराशि भेजी जाती है। फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के खाते में धनराशि नहीं आई है जिसके कारण दूसरी किस्त जारी नहीं की जा सकी है। कुछ लाभार्थियों ने स्वयं के संसाधनों से निर्माण पूरा करा लिया है जबकि कई लोगों के शौचालय अधूरे हैं। जिले में अधूरे शौचालयों की संख्या 4741 के करीब है।
- हर्षिका सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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जिले की 1540 ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्य कई माह से ठप हैं। ग्रामीण लाभार्थियों को पहली किस्त तो मिल गई लेकिन दूसरी किस्त जारी न होने के कारण निर्माण अधर में लटक गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में कई परिवार खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत शासन ने शौचालय निर्माण की धनराशि एसएमएस फर्स्ट प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की व्यवस्था की है। हालांकि पिछले कुछ महीनों से शासन स्तर से धनराशि न आने से यह प्रक्रिया अटक गई है।
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पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन से बजट प्राप्त होते ही अधूरे शौचालयों का निर्माण पूरा कराया जाएगा ताकि जिले को पूर्ण रूप से खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा हो सके।
शासन से एसएमएस फर्स्ट प्रणाली के तहत धनराशि भेजी जाती है। फिलहाल स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के खाते में धनराशि नहीं आई है जिसके कारण दूसरी किस्त जारी नहीं की जा सकी है। कुछ लाभार्थियों ने स्वयं के संसाधनों से निर्माण पूरा करा लिया है जबकि कई लोगों के शौचालय अधूरे हैं। जिले में अधूरे शौचालयों की संख्या 4741 के करीब है।
- हर्षिका सिंह, मुख्य विकास अधिकारी