प्रयागराज : सिपाही की पत्नी ने फोन कर कहा- ससुराल वाले कभी भी मार देंगे, दो दिन बाद संदिग्ध हालत में हुई मौत
पूरामुफ्ती इलाके में गोरखपुर में तैनात सिपाही हरिशंकर पांडेय की पत्नी माया पांडेय (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार को मौत हो गई। मौत से दो दिन पहले उसने मायके में फोन कर रोते हुए कहा था कि ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और कभी भी उसकी जान ले सकते हैं।
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पूरामुफ्ती इलाके में गोरखपुर में तैनात सिपाही हरिशंकर पांडेय की पत्नी माया पांडेय (42) की संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार को मौत हो गई। मौत से दो दिन पहले उसने मायके में फोन कर रोते हुए कहा था कि ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और कभी भी उसकी जान ले सकते हैं। इसके अगले दो दिन बाद मौत की सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया। मृतका माया के भाई ने दहेज हत्या की आशंका पर पति हरिशंकर समेत अन्य अवध नारायण पांडेय, अनिल पांडेय और विपिन पांडेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
नैनी के टीएसएल सड़वा कला निवासी माया की शादी करीब 19 वर्ष पहले पूरामुफ्ती के मनौरी चौराहा निवासी सिपाही हरिशंकर पांडेय से हुई थी। मृतका माया के भाई अनुज कुमार तिवारी के पास शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे फोन आया कि उसकी बहन की मौत की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। भाई अनुज कुमार तिवारी का आरोप है कि बहन बताया था कि शादी के कुछ वर्ष बाद पति के मथुरा निवासी एक महिला से कथित शक हैं। विरोध किया तो पति, ससुर और देवर उसके साथ मारपीट करते हैं।
शादी के बाद से प्रताड़ित करने का आरोप
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही दहेज को लेकर बहन को प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने बताया कि घटना के दो दिन पूर्व 27 अगस्त की रात करीब 9:27 बजे माया ने उनकी पत्नी को फोन किया था। फोन पर वह लगातार रो रही थी। उसने बताया था कि ससुराल वाले उसे शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं।
साथ ही कहा कि घरवाले कभी भी उसे मार डालेंगे। इसके बाद अचानक फोन कट गया। वह लोग कुछ समझ पाते कि दो दिन बाद मौत की सूचना मिली। भाई ने बहन की मौत को संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि जिस तरह मौत से दो दिन पहले माया ने फोन पर अपनी जान को खतरा बताया था, उससे उन्हें आशंका है कि उसकी हत्या की गई है।
10 साल पहले भी जहर देकर मारने की कोशिश का आरोप
भाई के मुताबिक, शादी के करीब 10 वर्ष बाद माया को कथित तौर पर जहर देकर जान से मारने का प्रयास किया गया था। तब उसकी हालत बिगड़ने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने सल्फास की गोली खिलाए जाने की बात बताई थी। मामले की शिकायत पुलिस से की गई थी लेकिन हरिशंकर पुलिस विभाग में होने की वजह से अपनी पहुंच का रौब दिखाता था। धमकी मिलती थी कि वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती और उसकी पहुंच ऊपर तक है।
पुलिस जांच से सामने आएगी मौत की वजह
महिला की मौत की वास्तविक वजह क्या है, यह पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी। पुलिस एफआईआर में लगाए गए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल की स्थिति, परिजनों के बयान और महिला के आखिरी फोन कॉल से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। बहरहाल पुलिस मृतका के परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों और उसके इलाज से जुड़े तथ्यों को भी जांच में शामिल कर रही है।
पुलिस बोली- चल रहा था इलाज
भाई अनुज कुमार ने बताया कि वह चार भाई-बहन हैं। माया घर में सबसे लाडली थी। उसका एक 10 साल का बेटा मयंक है। लेकिन ये न जाने कैसे हो गया। घटना के बाद से परिवार का रोकर बुरा हाल है। वहीं, पूरामुफ्ती थाना प्रभारी शांतनु सिंह ने बताया कि माया पिछले लंबे समय से बीमार चल रही थी और उसका इलाज भी कराया जा रहा था। उसकी बीमारी और चल रहे उपचार से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।