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कर्तव्यनिष्ठा से असंभव कार्य हो सकता है पूरा
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 14 Jan 2015 11:44 PM IST
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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमपी दुबे का बुधवार को श्रीमद् आर्यावर्त विद्वत परिषद की ओर से अभिनंदन किया गया। कुलपति प्रो. दुबे का सम्मान प्रदेश सरकार के पूर्व शिक्षा सलाहकार डॉ. चन्द्र विजय चतुर्वेदी एवं श्रीमद् आर्यावर्त विद्वत परिषद के संयोजक डॉ. रामजी मिश्र ने किया। सम्मानित करने के बाद डॉ. रामजी मिश्र ने कहा कि विद्वान पुरुषों का सम्मान भारतीय संस्कृति का आवश्यक अंग है, प्रो. दुबे इस कोटि के विद्वान हैं। इसीलिए विद्वत परिषद ने उनका सम्मान करने का फैसला किया।
सम्मान से अविभूत प्रो. दुबे ने कहा कि अपने लोगों की ओर से मिले इस सम्मान से वह भाव विभोर हैं, सामान्य परिवार में पैदा होने के बाद वह अपने लोगों की प्रेरणा से ही यहां तक पहुंचे हैं। ईश्वर में आस्था और कर्तव्य निष्ठा के जरिए आप हर असंभव कार्य को पूरा कर सकते हैं। वह कोशिश कर रहे हैं कि कुछ बेहतर करें। उन्होंने कहा कि उनके जीवन पर गांधी के आदर्शों को प्रभाव पड़ा। उन्होंने मुक्त विवि के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास की बात कही।
अभिनंदन समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. चन्द्रविजय चतुर्वेदी ने कहा कि प्रो. दुबे की प्रयाग कर्मस्थली है, इनके नेतृत्व में मुक्त विवि उन्नति को प्राप्त होगा। आयकर आयुक्त अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि प्रो. दुबे मौलिक चिंतक एवं कुशल प्रशासक हैं।
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इससे पहले चिरंजीवी शर्मा ने मंगलाचरण एवं लोकेश कुमार शुक्ल ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बायोवेद शोध संस्थान में हुए समारोह में इविवि के प्रो. एचएन दुबे, प्रो.हरिशंकर उपाध्याय, राजेन्द्र त्रिपाठी रसराज ने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. वीरेन्द्र तिवारी ने किया। इस मौके पर डॉ. ओमजी गुप्त, डॉ. शिवभूषण गुप्त, डॉ. पीपी दुबे, डॉ. टीएन दुबे, डॉ. आरपीएस यादव, श्रीराम मिश्र, कैलाश नाथ पांडेय मौजूद रहे। धन्यवाद बायोवेद संस्थान के डॉ. वीके द्विवेदी ने किया।
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सम्मान से अविभूत प्रो. दुबे ने कहा कि अपने लोगों की ओर से मिले इस सम्मान से वह भाव विभोर हैं, सामान्य परिवार में पैदा होने के बाद वह अपने लोगों की प्रेरणा से ही यहां तक पहुंचे हैं। ईश्वर में आस्था और कर्तव्य निष्ठा के जरिए आप हर असंभव कार्य को पूरा कर सकते हैं। वह कोशिश कर रहे हैं कि कुछ बेहतर करें। उन्होंने कहा कि उनके जीवन पर गांधी के आदर्शों को प्रभाव पड़ा। उन्होंने मुक्त विवि के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव प्रयास की बात कही।
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अभिनंदन समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ. चन्द्रविजय चतुर्वेदी ने कहा कि प्रो. दुबे की प्रयाग कर्मस्थली है, इनके नेतृत्व में मुक्त विवि उन्नति को प्राप्त होगा। आयकर आयुक्त अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि प्रो. दुबे मौलिक चिंतक एवं कुशल प्रशासक हैं।
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इससे पहले चिरंजीवी शर्मा ने मंगलाचरण एवं लोकेश कुमार शुक्ल ने गणेश वंदना प्रस्तुत की। बायोवेद शोध संस्थान में हुए समारोह में इविवि के प्रो. एचएन दुबे, प्रो.हरिशंकर उपाध्याय, राजेन्द्र त्रिपाठी रसराज ने विचार व्यक्त किया। संचालन डॉ. वीरेन्द्र तिवारी ने किया। इस मौके पर डॉ. ओमजी गुप्त, डॉ. शिवभूषण गुप्त, डॉ. पीपी दुबे, डॉ. टीएन दुबे, डॉ. आरपीएस यादव, श्रीराम मिश्र, कैलाश नाथ पांडेय मौजूद रहे। धन्यवाद बायोवेद संस्थान के डॉ. वीके द्विवेदी ने किया।