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पंडित नेहरू की धरती पर कांग्रेस धराशायी
Thu, 23 May 2019 10:10 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 May 2019 10:10 PM IST
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जवाहर लाल नेहरू
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पूर्वी यूपी को जीतने की मुहिम में निकलीं प्रियंका गांधी ने जिस धरती से अपने अभियान की शुरुआत की, किसी जमाने में जहां कांग्रेस के आगे सबकी जमानत जब्त हो जाती थी, जिन संसदीय सीटों से कांग्रेस ने देश को दो प्रधानमंत्री दिए, उन सीटों पर कांग्रेस अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। और यह लगातार दूसरी बार हुआ।
देश की आजादी के बाद 1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में पंडित जवाहर लाल नेहरू फूलपुर क्षेत्र से सांसद चुने गए और लगातार तीन बार सांसद रहे वहीं, इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से 1957 और 1962 के चुनाव में लाल बहादुर शास्त्री जीते। 1977 के चुनाव में कांग्रेस को इलाहाबाद की सीट गंवानी पड़ी। वहीं, 1969 के उपचुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी रहे जनेश्वर मिश्र ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली। दोनों ही सीटों पर 1984 में कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन यह वापसी आखिरी थी।
इसके बाद कांग्रेस कभी भी इस सीट को जीत नहीं सकी। इस बार के चुनाव में प्रियंका गांधी ने संगम तट से पूर्वी यूपी में कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरुआत की तो कांग्रेसियों में उत्साह नजर आया लेकिन यह उत्साह वोटों में तब्दील नहीं हो सका। जिस तरह पिछली बार इन दोनों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी, उसी प्रकार इस बार भी फूलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज पटेल और इलाहाबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सिंह पटेल अपनी जमानत नहीं बचा सके।
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देश की आजादी के बाद 1951 में हुए पहले लोकसभा चुनाव में पंडित जवाहर लाल नेहरू फूलपुर क्षेत्र से सांसद चुने गए और लगातार तीन बार सांसद रहे वहीं, इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से 1957 और 1962 के चुनाव में लाल बहादुर शास्त्री जीते। 1977 के चुनाव में कांग्रेस को इलाहाबाद की सीट गंवानी पड़ी। वहीं, 1969 के उपचुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के प्रत्याशी रहे जनेश्वर मिश्र ने कांग्रेस से यह सीट छीन ली। दोनों ही सीटों पर 1984 में कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन यह वापसी आखिरी थी।
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इसके बाद कांग्रेस कभी भी इस सीट को जीत नहीं सकी। इस बार के चुनाव में प्रियंका गांधी ने संगम तट से पूर्वी यूपी में कांग्रेस के चुनाव अभियान की शुरुआत की तो कांग्रेसियों में उत्साह नजर आया लेकिन यह उत्साह वोटों में तब्दील नहीं हो सका। जिस तरह पिछली बार इन दोनों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी, उसी प्रकार इस बार भी फूलपुर से कांग्रेस प्रत्याशी पंकज पटेल और इलाहाबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र सिंह पटेल अपनी जमानत नहीं बचा सके।
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yogesh shukla
- फोटो : प्रयागराज
इलाहाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी योगेश शुक्ला की जिन सभाओं में कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार आते रहे, मतगणना के दिन वे प्रत्याशी के साथ कहीं नजर नहीं आए। रुझान सामने आते ही स्थिति स्पष्ट होने लगी और वहां मौजूद पार्टी के तमाम कार्यकर्ता चले गए। मतगणना स्थल पर प्रत्याशी अकेले घूमते नजर आए। मतगणना स्थल के बाहर लगे कांग्रेस के पंडाल में भी सभी कुर्सियां खाली दिखीं। दोपहर एक बजे तक वहां कोई भी कार्यकर्ता मौजूद नहीं था।