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मोरारी बापू की रामकथा में आस्था संग दिखेगा कला-संस्कृति का संगम
Tue, 25 Feb 2020 01:43 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 25 Feb 2020 01:43 AM IST
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मोरारी बापू
अरैल में 29 फरवरी से होने जा रही संत मोरारी बापू की रामकथा में आस्था संग कला-संस्कृति का अनूठा संगम दिखेगा। बापू राम कथा की गंगाधार बहाएंगे तो कवि कुमार विश्वास समेत कई कलाकारों की प्रस्तुतियां यादगार बनेंगी। संत-भक्त निवास की दीवारों पर प्रयागराज के ऐतिहासिक-पौराणिक स्थलों के चित्र उकेरकर शहर की सांस्कृतिक धरोहर से रामकथा प्रेमियों को परिचित कराया जाएगा।
संगम तट पर नौ दिवसीय अक्षयवट पर आधारित रामकथा की तैयारी अंतिम दौर में है। संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से होने वाी इस रामकथा में ख्यातिनाम कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। दिन में बापू मानस अक्षयवट कथा सुनाएंगे और शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रहेगी। कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास,बुद्धि प्रकाश दधीचि, गौरी मिश्रा और किरण जोशी का काव्यपाठ होगा। जबकि अदिति मंगलदास और समूह का कथकनृत्य भी कथा के बीच लय-ताल पर थिरकन से चार चांद लगाएगा।
बलविंदर सिंह बल्लू बांसुरी वादन पेश करेंगे। कथास्थल की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन अमेटा बताते हैं कि आस्था, कला, संस्कृति, संगीत का यह उत्सव प्रयागराज में अपनी अलग ही छाप छोडे़गा । मां यमुना के किनारे अक्षयवट के सामने यमुना पार स्थित अरैल में कथा होगी। 11 लाख स्क्वायर फीट एरिया में कथा स्थल बनकर तैयार हो गया है। व्यासपीठ पर अकबर के किले के साथ अक्षयवट की अनुकृति भी उकेरी जा चुकी है।
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संगम तट पर नौ दिवसीय अक्षयवट पर आधारित रामकथा की तैयारी अंतिम दौर में है। संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से होने वाी इस रामकथा में ख्यातिनाम कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। दिन में बापू मानस अक्षयवट कथा सुनाएंगे और शाम सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम रहेगी। कवि सम्मेलन में कुमार विश्वास,बुद्धि प्रकाश दधीचि, गौरी मिश्रा और किरण जोशी का काव्यपाठ होगा। जबकि अदिति मंगलदास और समूह का कथकनृत्य भी कथा के बीच लय-ताल पर थिरकन से चार चांद लगाएगा।
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बलविंदर सिंह बल्लू बांसुरी वादन पेश करेंगे। कथास्थल की जिम्मेदारी संभाल रहे नितिन अमेटा बताते हैं कि आस्था, कला, संस्कृति, संगीत का यह उत्सव प्रयागराज में अपनी अलग ही छाप छोडे़गा । मां यमुना के किनारे अक्षयवट के सामने यमुना पार स्थित अरैल में कथा होगी। 11 लाख स्क्वायर फीट एरिया में कथा स्थल बनकर तैयार हो गया है। व्यासपीठ पर अकबर के किले के साथ अक्षयवट की अनुकृति भी उकेरी जा चुकी है।
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