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संबद्ध प्रवक्ताओं की भी मांगी गोपनीय आख्या

Tue, 26 Mar 2019 01:17 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 26 Mar 2019 01:17 AM IST
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Confidential report sought by concerned spokespersons
lashkarpur high school - फोटो : social media

उच्च शिक्षा निदेशालय ने महाविद्यालयों में तैनात प्रवक्ता, प्रवक्ता पुस्तकालय, कार्यालय अधीक्षक, प्राचार्यों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों की गोपनीय आख्या स्वमूल्यांकन सहित मांगी है। साथ ही निर्देश जारी किए हैं कि संबद्ध प्रवक्ताओं की भी गोपनीय आख्या मूल्यांकन सहित भेजी जाए ताकि संबद्ध प्रवक्ताओं की किसी तरह का नुकसान न हो।

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उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. प्रीति गौतम की ओर से राजकीय स्नातक एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्यों, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारियों एवं पुस्तकालयाध्यक्षों को जारी पत्र में कहा गया है कि कई प्रवक्ताओं के दूसरी जगह संबद्ध होने के कारण उनके गोपनीय आख्या प्रपत्र खाली प्रेषित कर दिए जाते हैं। ऐसे में जो प्रवक्ता जहां संबद्ध हों, वहां के प्राचार्य के द्वारा प्रविष्टि अंकित कराकर ही वरिष्ठता क्रम में निदेशालय को गोपनीय आख्या प्रेषित की जाए ताकि संबंधित प्रवक्ता का अहित न हो।
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पत्र में यह भी कहा गया है कि प्राय: प्राचार्य द्वारा कार्यालय अधीक्षक/प्रवक्ता पुस्तकालय के अलावा वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक एवं आशुलिपिक की गोपनीय आख्या भी निदेशालय को भेज दी जाती है जबकि, इन सभी कर्मचारियों की गोपनीय आख्या संबंधित महाविद्यालय के प्राचार्य की अभिरक्षा में रहनी चाहिए। निदेशक ने गोपनीय आख्या हर हाल में 15 अप्रैल तक उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि विलंब होने की स्थिति में प्राचार्य एवं संबंधित प्रवक्ता उत्तरदायी होंगे।
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साथ ही इस बात का भी ध्यान रखने को कहा है कि गोपनीय आख्या प्रपत्र पर अपना अभिमत एवं श्रेणी अवश्य अंकित करें। श्रेणी देते समय शासनादेश में दी गई श्रेणी का ही प्रयोग करें, जैसे, ‘उत्कृष्ट’, ‘अतिउत्तम’, ‘उत्तम/अच्छा’,  ‘खराब’ का अंकन करें। संबंधित शिक्षक की सत्यनिष्ठा प्रमाणित करने या न करने की स्थिति भी स्पष्ट रूप से कारण सहित अंकित की जाए।

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