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लाल पद्मधर का शहादत दिवस
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Conditions of Allahabad University like British rule
- फोटो : ALDCOMPACT
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लाल पद्मधर उके शहादत दिवस में इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में सोमवार को अलग-अलग छात्र संगठनों ने श्रद्धांजलि सभा और तिरंगा यात्रा के जरिये उन्हें नमन किया और कहा कि इविवि के हालात ब्रिटिश हुकूमत जैसे हो गए हैं। छात्रसंघ को समाप्त कर यहां लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है।
दिशा छात्र संगठन की ओर से भी छात्रसंघ भवन के सामने शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और छात्रसंघ की बहाली एवं छात्रों के निलंबन के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों का समर्थन किया गया। संगठन के अमित ने कहा कि 12 अगस्त 1942 को जब भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान छात्रों का जुलूस लाल पद्मधर के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा था, तब कलक्टर डिक्शन के आदेश पर एसपी आगा ने लाल पद्मधर के सीने पर दो गोलियां दाग दीं। आज विश्वविद्यालय में पद्मधर जैसे शहीदों के संघर्ष और कुर्बानी की विरासत को कुचला जा रहा है। छात्रसंघ को समाप्त किया जाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस मौक पर रवि, सुरेश, धर्मराज, अंजलि, शिवा, नीशू, विकास आदि मौजूद रहे।
एसएफआई की ओर से इविवि छात्रसंघ भवन के सामने हुई श्रद्धांजलि सभा से पहले शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत छोड़ो आंदोलन में उनके योगदान को याद दिया गया। सभा में उपाध्यक्ष ऋतुषा, अखिल विकल्प, आनंद मालवीयआदि शामिल रहे। वहीं, तिरंगा यात्रा निकालते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रोहित मिश्र, सूरज कुमार मिश्र, उदय प्रकाश यादव, शिवम सिंह, करन सिंह परिहार राजभान सिंह ने भी शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि दी। आईसा के शैलेश पासवान, सुनील मौर्य, रणविजय, सोनू यादव, यश सिंह, प्रिंस आदि ने भी शहीद लाल पद्मधर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इविवि में छात्रसंघ बहाली के लिए लगातार आठवें दिन सोमवार को छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में छात्रों का धरना जारी रहा। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, दिनेश सिंह, रोहित मिश्र, निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, निवर्तमान महामंत्री शिवम सिंह, पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी समेत कई पूर्व पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन दिया और कहा कि इविवि प्रशासन छात्रसंघ बहाली समेत पांच सूत्रीय मांगें मान ले या उग्र आंदोलन झेलने के लिए तैयार रहे।
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दिशा छात्र संगठन की ओर से भी छात्रसंघ भवन के सामने शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और छात्रसंघ की बहाली एवं छात्रों के निलंबन के खिलाफ धरने पर बैठे छात्रों का समर्थन किया गया। संगठन के अमित ने कहा कि 12 अगस्त 1942 को जब भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान छात्रों का जुलूस लाल पद्मधर के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा था, तब कलक्टर डिक्शन के आदेश पर एसपी आगा ने लाल पद्मधर के सीने पर दो गोलियां दाग दीं। आज विश्वविद्यालय में पद्मधर जैसे शहीदों के संघर्ष और कुर्बानी की विरासत को कुचला जा रहा है। छात्रसंघ को समाप्त किया जाना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस मौक पर रवि, सुरेश, धर्मराज, अंजलि, शिवा, नीशू, विकास आदि मौजूद रहे।
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एसएफआई की ओर से इविवि छात्रसंघ भवन के सामने हुई श्रद्धांजलि सभा से पहले शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत छोड़ो आंदोलन में उनके योगदान को याद दिया गया। सभा में उपाध्यक्ष ऋतुषा, अखिल विकल्प, आनंद मालवीयआदि शामिल रहे। वहीं, तिरंगा यात्रा निकालते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेता रोहित मिश्र, सूरज कुमार मिश्र, उदय प्रकाश यादव, शिवम सिंह, करन सिंह परिहार राजभान सिंह ने भी शहीद लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि दी। आईसा के शैलेश पासवान, सुनील मौर्य, रणविजय, सोनू यादव, यश सिंह, प्रिंस आदि ने भी शहीद लाल पद्मधर को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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इविवि में छात्रसंघ बहाली के लिए लगातार आठवें दिन सोमवार को छात्रसंघ के निवर्तमान उपाध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में छात्रों का धरना जारी रहा। इस दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विनोद चंद्र दुबे, दिनेश सिंह, रोहित मिश्र, निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, निवर्तमान महामंत्री शिवम सिंह, पूर्व महामंत्री निर्भय द्विवेदी समेत कई पूर्व पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर जाकर आंदोलन को समर्थन दिया और कहा कि इविवि प्रशासन छात्रसंघ बहाली समेत पांच सूत्रीय मांगें मान ले या उग्र आंदोलन झेलने के लिए तैयार रहे।