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स्मार्ट मीटर के जरिए जनता की जेब पर करोड़ों रुपये का डाका

Wed, 28 Oct 2020 12:28 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 28 Oct 2020 12:28 AM IST
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complaint of running samrt meter  found truth, officials keep silent
complaint of running samrt meter found truth, officials keep silent
प्रयागराज। रीडिंग और बिलिंग के साथ ही बिजली बचाने के उद्देश्य से शहर में लगाए गए स्मार्ट मीटरों के जरिए उपभोक्ताओं की जेबें खाली की जा रही हैं। जिन मीटरों को किफायती और सुविधाजनक बताकर लगाया गया था, वो जांच में 30 गुना अधिक तेज चलते पाए गए हैं। यानी मीटर तेज चलने की जनता की शिकायतें सच साबित हो गई हैं। शहर के सभी सात डिवीजनों में कुल 82 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
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सामान्य तौर पर एक मकान पर दो सौ यूनिट बिजली प्रतिमाह खपत होने का अनुमान है। इस तरह अगर 30 गुना अधिक तेज चलने वाले स्मार्ट मीटरों से वसूली जाने वाली धनराशि का आकलन करें तो वह करोड़ों में पहुंच जाएगा। कहा जा रहा है कि अगर छह सौ रुपये भी एक मीटर पर अधिक वसूल जा रहे हैं तो प्रतिमाह 4.90 करोड़ रुपये का अथिरिक्त भार जनता की जेब पर डाला जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक सर्किल प्रथम के रामबाग डिवीजन में सबसे पहले 10 जुलाई 2019 को स्मार्ट मीटर लगाने की योजना शुरू हुई थी।
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इसके कुछ दिनों बाद ही करेलाबाग, नैनी, कल्याणी देवी में कुल 68 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए। इसके बाद सर्किल द्वितीय के टैगोर टाउन, म्योहाल और बम्हरौली डिवीजनों में भी अब तक 14 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इस बीच स्मार्ट मीटरों के जंप करने और तेज चलने की शिकायतों की भरमार तो लगी रही , लेकिन अफसर इस पर लगातार पर्दा डालने में जुटे रहे। सैकड़ों घरों में शिकायतों के आधार पर क्रास चेक मीटर लगाए गए, लेकिन फिर लीपापोती कर स्मार्ट मीटरों को को सही ठहराया जाता रहा। कहा जा रहा है कि जुलाई 19 से लेकर अब तक 13 महीनों में 65 करोड़ रुपये से अधिक जनता क जेब से वसूले गए हैं। जांच कराए जाने पर यह रकम और भी अधिक हो सकती है।
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बिजली विभाग के अफसरों का कहना है कि स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतों की जांच कराई जा रही है, लेकिन अभी तक कहीं भी उस तरह की गड़बड़ी नहीं पाई गई है। जहां मीटरों में अधिक गडबड़ी पाई गई, वहां बदले भी गए हैं। अब उच्चस्तरीय जांच में स्मार्ट मीटर तेज चलने की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद अफसरों की बोलती बंद हो गई है।
स्मार्ट मीटर जंप करने की जो भी शिकायतें आई हैं उसका निस्तारण कराया जा रहा है। अभी प्रयागराज में इस तरह की शिकायतों की पुष्टि नहीं हुई है। -ओपी यादव, मुख्य अभियंता।

स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायतें आई हैं। इसकी जांच भी क्रास मीटर लगाकर कराई जा रही है। गड़बड़ी के बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। रमेश यादव, एक्सईएन मीटर।
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