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प्रयागराज छ सिलिका बालू के अवैध खनन की निगरानी के लिए समिति गठित
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सिलिका बालू के अवैध खनन की निगरानी के लिए समिति गठित
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली ने दिया आदेश
मंडलायुक्त की अगुवाई में समिति शंकरगढ़ इलाके की करेगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज। शंकरगढ़ ब्लॉक के गांवों में सिलिका बालू के अवैध खनन व वाशिंग प्लांट से पर्यावरण और लोक स्वास्थ्य की क्षति की जांच होगी। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, नई दिल्ली ने इसके लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संयुक्त समिति गठित की है। कमेटी को दो माह में रिपोर्ट देनी होगी।
गठित समिति में मुख्य वन संरक्षक, केंद्र और उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसईएलएए यूपी, कृषि विभाग के सचिव आदि को शामिल किया गया है। न्यायाधिकरण ने कहा है कि क्या खनन के दौरान पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य के मानकों पर अमल किया जा रहा है। जो लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं, उनसे मुआवजा वसूली की कार्रवाई कैसे हो। याचिका पर अगली सुनवाई 18 मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. फिरोज अहमद की राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की प्रधानपीठ ने देवीदास खत्री की याचिका पर दिया है। याची ने कहा है कि इलाके में पांच सौ खनन माफिया व 100 वाशिंग उद्योग मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
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राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण नई दिल्ली ने दिया आदेश
मंडलायुक्त की अगुवाई में समिति शंकरगढ़ इलाके की करेगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज। शंकरगढ़ ब्लॉक के गांवों में सिलिका बालू के अवैध खनन व वाशिंग प्लांट से पर्यावरण और लोक स्वास्थ्य की क्षति की जांच होगी। राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण, नई दिल्ली ने इसके लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में संयुक्त समिति गठित की है। कमेटी को दो माह में रिपोर्ट देनी होगी।
गठित समिति में मुख्य वन संरक्षक, केंद्र और उत्तर प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एसईएलएए यूपी, कृषि विभाग के सचिव आदि को शामिल किया गया है। न्यायाधिकरण ने कहा है कि क्या खनन के दौरान पर्यावरण संरक्षण व स्वास्थ्य के मानकों पर अमल किया जा रहा है। जो लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं, उनसे मुआवजा वसूली की कार्रवाई कैसे हो। याचिका पर अगली सुनवाई 18 मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल, विशेषज्ञ सदस्य डॉ. फिरोज अहमद की राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की प्रधानपीठ ने देवीदास खत्री की याचिका पर दिया है। याची ने कहा है कि इलाके में पांच सौ खनन माफिया व 100 वाशिंग उद्योग मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं।
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