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सैलून से उतरे और अकेले ही निरीक्षण पर निकले सीआरबी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 10 Sep 2017 01:53 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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चेयरमैन रेलवे बोर्ड (सीआरबी) अश्वनी लोहानी शनिवार को इलाहाबाद पहुंचे तो बिना किसी ताम झाम के वह अकेले ही निरीक्षण को निकल गए। इस दौरान उनके सैलून के बाहर रेलवे के कई अफसर मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने सभी को साथ आने से मना कर दिया। स्टेशन प्रबंधक राजाराम राजपूत और जीआरपी इंसपेक्टर मनोज सिंह के साथ ही वह प्लेटफार्म नंबर एक का निरीक्षण करने के लिए गए।
सुबह 7.45 बजे नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट ट्रेन से जंक्शन पहुंचे सीआरबी ने आठ बजे के आसपास निरीक्षण शुरू किया। जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर तकरीबन घंटे भर उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्राइवर लॉबी, जनता भोजनालय, डिप्टी एसएस कार्यालय, मुख्य हॉल, प्रतीक्षालय, आरपीएफ थाना, जीआरपी थाना, पार्सल घर आदि देखा। यहां निरीक्षण के दौरान सीआरबी से जीआरपी की ओर से कंप्यूटर रूम आदि बनवाए जाने की मांग की गई। सीआरबी ने जीआरपी और आरपीएफ को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम एसके पंकज भी शामिल हो गए। इसके बाद सीआरबी डीआरएम ऑफिस गए। वहां बैठक करने के बाद लॉबी, वॉशिंग लाइन आदि का निरीक्षण किया। वहां से एनसीआर मुख्यालय में उन्होंने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। दिन में 2.45 बजे इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से वह कानपुर के लिए रवाना हो गए।
निरीक्षण के दौरान जंक्शन की साफ-सफाई से खुश सीआरबी ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया। उधर, डीआरएम ऑफिस में आयोजित बैठक में अफसरों से कहा कि सदैव सतर्क रहें और आचरण को ठीक रखें। अफसर कर्मचारियों के अंदर से अपना भय समाप्त करें और दंड देने से बचें। उन्होंने अफसरों के साथ कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान सेफ्टी में बेहतर काम करने वाले 10 रेलकर्मी उन्होंने पुरस्कृत भी किए।
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सीआरबी ने स्टेशन परिसर स्थित लोको पायलट एवं गार्ड रनिंग रूम का निरीक्षण करने के बाद वॉशिंग लाइन का निरीक्षण किया। यहां प्रयागराज एक्सप्रेस की सफाई कर रहे ग्रुप डी कर्मचारियों से मुलाकात की। सीआरबी खुद ही ट्रेन के नीचे काम कर रहे कर्मचारियों से मिलने गए। उनकी समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने वॉशिंग लाइन के बाद दो दर्जन से ज्यादा गैंगमैन और ट्रैकमैन से मुलाकात की। यहां रोशन लाल नाम के कर्मचारी ने बीट किलोमीटर घटाने की मांग की। सीआरबी ने सभी समस्याएं सुनने के बाद बोर्ड स्तर से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने गैंगमैनों को रेलवे का चेहरा बताया। सीआरबी से सीधे रूबरू होकर गैंगमैन भी फूले नहीं समाएं। राममहेश नाम के कर्मचारी ने कहा कि पहली बार कोई सीआरबी सीधे ग्रुप डी कर्मचारियों से मिले हैं। सीआरबी ने यहां उन्होंने निर्माणाधीन कोचिंग कांप्लेक्स को भी देखा।
जंक्शन स्थित मैकेनाइज्ड लाउंड्री की क्षमता अब बढ़ाई जाएगी। अभी इसकी क्षमता तीन टन की है। सीआरबी के सामने अफसरों ने इसकी क्षमता छह टन का करने का प्रस्ताव दिया। इस पर सीआरबी ने हामी भर दी। इस लाउंड्री में प्रयागराज, इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस, संगम, नौचंदी, हरिद्वार एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में दिए जाने वाले बेडरोल आदि की धुलाई होती है। इसकी क्षमता बढ़ जाने से रेलवे के रेस्ट रूम, यात्री विश्रामालय आदि में दिए जाने वाले बेडरोल की भी सफाई हो सकेगी।
उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित बैठक में जोन महाप्रबंधक एमसी चौहान ने तमाम उपलब्धियों की चर्चा सीआरबी के समक्ष की। उन्होंने इसी वर्ष शुरू होने बलास्ट (गिट्टी) की नई लोडिंग के बारे में बताया। कहा कि एनसीआर में वर्तमान वर्ष के दौरान अगस्त माह तक पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। उन्होंने दुर्घटनाओं के संबंध में हुई कार्रवाईयों का भी ब्योरा दिया।
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सुबह 7.45 बजे नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट ट्रेन से जंक्शन पहुंचे सीआरबी ने आठ बजे के आसपास निरीक्षण शुरू किया। जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर तकरीबन घंटे भर उन्होंने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ड्राइवर लॉबी, जनता भोजनालय, डिप्टी एसएस कार्यालय, मुख्य हॉल, प्रतीक्षालय, आरपीएफ थाना, जीआरपी थाना, पार्सल घर आदि देखा। यहां निरीक्षण के दौरान सीआरबी से जीआरपी की ओर से कंप्यूटर रूम आदि बनवाए जाने की मांग की गई। सीआरबी ने जीआरपी और आरपीएफ को आपसी तालमेल के साथ काम करने को कहा। निरीक्षण के दौरान डीआरएम एसके पंकज भी शामिल हो गए। इसके बाद सीआरबी डीआरएम ऑफिस गए। वहां बैठक करने के बाद लॉबी, वॉशिंग लाइन आदि का निरीक्षण किया। वहां से एनसीआर मुख्यालय में उन्होंने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। दिन में 2.45 बजे इलाहाबाद-उधमपुर एक्सप्रेस से वह कानपुर के लिए रवाना हो गए।
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निरीक्षण के दौरान जंक्शन की साफ-सफाई से खुश सीआरबी ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने का एलान किया। उधर, डीआरएम ऑफिस में आयोजित बैठक में अफसरों से कहा कि सदैव सतर्क रहें और आचरण को ठीक रखें। अफसर कर्मचारियों के अंदर से अपना भय समाप्त करें और दंड देने से बचें। उन्होंने अफसरों के साथ कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनीं। इस दौरान सेफ्टी में बेहतर काम करने वाले 10 रेलकर्मी उन्होंने पुरस्कृत भी किए।
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सीआरबी ने स्टेशन परिसर स्थित लोको पायलट एवं गार्ड रनिंग रूम का निरीक्षण करने के बाद वॉशिंग लाइन का निरीक्षण किया। यहां प्रयागराज एक्सप्रेस की सफाई कर रहे ग्रुप डी कर्मचारियों से मुलाकात की। सीआरबी खुद ही ट्रेन के नीचे काम कर रहे कर्मचारियों से मिलने गए। उनकी समस्याएं सुनने के बाद उन्होंने वॉशिंग लाइन के बाद दो दर्जन से ज्यादा गैंगमैन और ट्रैकमैन से मुलाकात की। यहां रोशन लाल नाम के कर्मचारी ने बीट किलोमीटर घटाने की मांग की। सीआरबी ने सभी समस्याएं सुनने के बाद बोर्ड स्तर से कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। उन्होंने गैंगमैनों को रेलवे का चेहरा बताया। सीआरबी से सीधे रूबरू होकर गैंगमैन भी फूले नहीं समाएं। राममहेश नाम के कर्मचारी ने कहा कि पहली बार कोई सीआरबी सीधे ग्रुप डी कर्मचारियों से मिले हैं। सीआरबी ने यहां उन्होंने निर्माणाधीन कोचिंग कांप्लेक्स को भी देखा।
जंक्शन स्थित मैकेनाइज्ड लाउंड्री की क्षमता अब बढ़ाई जाएगी। अभी इसकी क्षमता तीन टन की है। सीआरबी के सामने अफसरों ने इसकी क्षमता छह टन का करने का प्रस्ताव दिया। इस पर सीआरबी ने हामी भर दी। इस लाउंड्री में प्रयागराज, इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस, संगम, नौचंदी, हरिद्वार एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में दिए जाने वाले बेडरोल आदि की धुलाई होती है। इसकी क्षमता बढ़ जाने से रेलवे के रेस्ट रूम, यात्री विश्रामालय आदि में दिए जाने वाले बेडरोल की भी सफाई हो सकेगी।
उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय में आयोजित बैठक में जोन महाप्रबंधक एमसी चौहान ने तमाम उपलब्धियों की चर्चा सीआरबी के समक्ष की। उन्होंने इसी वर्ष शुरू होने बलास्ट (गिट्टी) की नई लोडिंग के बारे में बताया। कहा कि एनसीआर में वर्तमान वर्ष के दौरान अगस्त माह तक पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। उन्होंने दुर्घटनाओं के संबंध में हुई कार्रवाईयों का भी ब्योरा दिया।