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सीएम ने दिया पीसीएस जे परीक्षा की जांच का आश्वासन
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CM Yogi will discuss uppsc chairperson over PCS J-2018 dispute.
- फोटो : AU
प्रयागराज। पीसीएस जे परीक्षा में भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष से बात करेंगे। मुख्यमंत्री से लखनऊ मिलने पहुंचे पीसीएस जे अभ्यर्थियों को परीक्षा की जांच कराए जाने का आश्वासन भी मिला है। साथ ही सीएम ने आयोग में भ्रष्टाचार के खिलाफ जल्द ही बड़े स्तर पर कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
न्यायिक सेवा प्रतियोगियों के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास में मुलाकात की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तार की गईं तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के कार्यकाल में पीसीएस जे-2018 की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा भी आयोजित की गई। परीक्षा जल्दबाजी में कराई गई। इस परीक्षा का पेपर भी उसी प्रेस में छपा था, जिसमें एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर छपवाया गया था।
अभ्यर्थियों ने पीसीएस जे मुख्य परीक्षा के परिणाम में हुई गड़बड़ी से भी सीएम को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे आशीश पटेल के अनुसार सीएम ने कहा कि आयोग में भ्रष्टाचार की जांच चल रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियेां की संपत्ति की जांच कराई जा रही है। भ्रष्ट अफसर जेल भेजे जाएंगे। ईमानदार एवं सख्त अधिकारी रहे डॉ. प्रभात कुमार को आयोग का अध्यक्ष बनाकर इसकी शुरुआत की गई है। सीएम ने कहा कि वह इस मसले पर सीधे अध्यक्ष से बात करेंगे। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि सीधे अध्यक्ष के पास जाकर मिलें। शिकायत की जांच जरूर कराई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में केपी सिंह, जितेंद्र मिश्र, मनोज, अनुपम सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।
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एलटी ग्रेड के बाद र्हुईं अन्य परीक्षाओं पर भी संकट
सीएम से मिलकर लौटे पीसीएस जे अभ्यर्थियों के अनुसार सीएम ने कहा है कि एलटी ग्रेड परीक्षा के बाद जिन परीक्षाओं के पेपरों की प्रिटिंग कोलकाता की विवादित प्रेस में हुई हैं, उन सभी परीक्षाओं की जांच होगी और गड़बड़ी सामने आई तो परीक्षाएं निरस्त की जाएंगी। सीएम ने कहा कि एसटीएफ की ओर से एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की जा रही है। आयोग को एलटी ग्रेड का परिणाम भी जारी करने से मना किया गया था लेकिन आयोग एक स्वायत्त संस्था है, इसलिए उसने परिणाम जारी कर दिया। आयोग में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा और प्रतियोगी छात्रों को न्याय मिलेगा।
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न्यायिक सेवा प्रतियोगियों के प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास में मुलाकात की। मुख्यमंत्री को बताया गया कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तार की गईं तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के कार्यकाल में पीसीएस जे-2018 की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा भी आयोजित की गई। परीक्षा जल्दबाजी में कराई गई। इस परीक्षा का पेपर भी उसी प्रेस में छपा था, जिसमें एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर छपवाया गया था।
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अभ्यर्थियों ने पीसीएस जे मुख्य परीक्षा के परिणाम में हुई गड़बड़ी से भी सीएम को अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे आशीश पटेल के अनुसार सीएम ने कहा कि आयोग में भ्रष्टाचार की जांच चल रही है। अधिकारियों एवं कर्मचारियेां की संपत्ति की जांच कराई जा रही है। भ्रष्ट अफसर जेल भेजे जाएंगे। ईमानदार एवं सख्त अधिकारी रहे डॉ. प्रभात कुमार को आयोग का अध्यक्ष बनाकर इसकी शुरुआत की गई है। सीएम ने कहा कि वह इस मसले पर सीधे अध्यक्ष से बात करेंगे। उन्होंने अभ्यर्थियों से कहा कि सीधे अध्यक्ष के पास जाकर मिलें। शिकायत की जांच जरूर कराई जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में केपी सिंह, जितेंद्र मिश्र, मनोज, अनुपम सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह आदि शामिल रहे।
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एलटी ग्रेड के बाद र्हुईं अन्य परीक्षाओं पर भी संकट
सीएम से मिलकर लौटे पीसीएस जे अभ्यर्थियों के अनुसार सीएम ने कहा है कि एलटी ग्रेड परीक्षा के बाद जिन परीक्षाओं के पेपरों की प्रिटिंग कोलकाता की विवादित प्रेस में हुई हैं, उन सभी परीक्षाओं की जांच होगी और गड़बड़ी सामने आई तो परीक्षाएं निरस्त की जाएंगी। सीएम ने कहा कि एसटीएफ की ओर से एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच की जा रही है। आयोग को एलटी ग्रेड का परिणाम भी जारी करने से मना किया गया था लेकिन आयोग एक स्वायत्त संस्था है, इसलिए उसने परिणाम जारी कर दिया। आयोग में किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा और प्रतियोगी छात्रों को न्याय मिलेगा।