इलाहाबाद विवि परिसर में फूंका सीएम का पुतला, सात सपाई नामजद
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कानून व्यवस्था समेत अन्य कई मुद्दों पर विरोध कर रहे समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। इस दौरान रोकने पर उनकी पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। मामले में कर्नलगंज पुलिस ने सात नामजद व 15-20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज की। इनके खिलाफ महामारी एक्ट व अन्य धाराओं समेत सरकारी कार्य में बाधा डालने की भी धाराएं लगाई गई हैं।
इविवि छात्रसंघ भवन पर सोमवार दोपहर छात्रनेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची तब तक वहां 25 से ज्यादा छात्रनेता जमा हो चुके थे। पुलिस के मुताबिक, वहां जुटे छात्रनेताओं ने शासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। साथ ही हाथ में लिए सीएम के पुतले में आग लगा दी। यह देख वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीनने की कोशिश की जिस पर धक्कामुक्की भी हुई। कर्नलगंज इंस्पेक्टर अवन दीक्षित ने बताया कि विवि चौकी प्रभारी ने तहरीर देकर बताया है कि प्रदर्शनकारियों में जितेंद्र धनराज, नेहा यादव, शिवबली यादव, रोहित यादव, संदीप, अतुल व विजय यादव के अलावा 15-20 अज्ञात युवक शामिल थे।
धक्कामुक्की में पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें भी आईं। इन सभी के खिलाफ महामारी एक्ट, धारा 144 के उल्लंघन, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने व लोकसेवक को चोट पहुंचाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। उधर, छात्रनेता नेहा यादव ने आरोप लगाया कि योगी सरकार विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को बदले की भावना से प्रताड़ित कर रही है। जिसके साथ ही शिक्षा के निजीकरण, ध्वस्त कानून व्यवस्था व अन्य मांगों को लेकर विरोध जताया जा रहा था। जहां पुलिस ने जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की। पुलिस से धक्कामुक्की का आरोप गलत है।