फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Clear the way for appointment in the desired district, the High Court ordered B

सहायक शिक्षक भर्ती : मनचाहे जिले में नियुक्ति का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने बीएसए को दिया नोड्यूज देने का आदेश

Thu, 28 Jul 2022 10:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 28 Jul 2022 10:08 PM IST
सार

यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने रोहित कुमार व 56 अन्य, अतुल मिश्र व 61 अन्य, राघवेन्द्र प्रताप सिंह व 14 अन्य, दीपक वर्मा व 77 अन्य, रूबी निगम व 25 अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए दिया है।

विज्ञापन
Clear the way for appointment in the desired district, the High Court ordered B
Prayagraj News : कोर्ट का आदेश - फोटो : amar ujala

विस्तार

सहायक अध्यापक भर्ती 2018 में चयनित व कार्यरत सहायक अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट ने कहा है कि संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यरत चयनित अध्यापकों को चयन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अनापत्ति प्रदान करें और उन्हें मेरिट के आधार पर काउंसिलिंग में शामिल होने देने व मनचाहे जिले में नियुक्ति की अनुमति दी जाए। यह कार्यवाही चार हफ्ते में पूरी की जाए।

विज्ञापन



यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने रोहित कुमार व 56 अन्य, अतुल मिश्र व 61 अन्य, राघवेन्द्र प्रताप सिंह व 14 अन्य, दीपक वर्मा व 77 अन्य, रूबी निगम व 25 अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश का लाभ उन्हें भी मिलेगा, जो कोर्ट नहीं आ सके, किंतु शासनादेश से प्रभावित हैं।
विज्ञापन



कोर्ट ने चार दिसंबर 20 के शासनादेश के पैरा 5(1) को मनमाना पूर्ण, विभेदकारी, अतार्किक करार देते हुए रद्द कर दिया है। इस शासनादेश में चयन में शामिल होने के लिए अनापत्ति पर रोक लगाई गई है। जबकि याचियों की ओर से कहा गया है कि इस शासनादेश से प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया में 1981 की सेवा नियमावली के तहत शामिल होकर पसंद के जिले में नियुक्ति पाने का अधिकार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचियों का कहना था कि वे विभिन्न जिलों में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। उनका चयन 2018 की भर्ती में भी हुआ है। उन्हें काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए बीएसए द्वारा अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं दिया जा रहा है। वे मेरिट के आधार पर पसंद के जिले में नियुक्ति पाना चाहते हैं।


सरकार व बोर्ड का कहना था कि शासनादेश में अध्यापकों को फिर से उसी पद पर चयनित करने से काफी पद खाली हो जाएंगे। यदि पसंद के जिले में नियुक्ति पानी है तो अंतर्जनपदीय तबादला नीति के तहत आवेदन दे सकते हैं। इस पर याचियों का तर्क था कि संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 के तहत उन्हें भर्ती में शामिल होने और मेरिट पर नियुक्ति पाने का अधिकार है। अनापत्ति पर रोक संविधान के मूल अधिकारों के खिलाफ  है। कोर्ट ने अनापत्ति पर रोक को विभेदकारी व मनमाना पूर्ण तथा कानून व सेवा नियमावली के अधिकार क्षेत्र से बाहर माना और रद्द कर दिया है। अब सभी चयनित अध्यापकों को मेरिट के आधार पर नियुक्ति पाने का रास्ता साफ  हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed