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मंसूर अली पार्क में पुलिस की आंदोलनकारियों से झड़प
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Clash with police agitators in Mansoor Ali Park
- फोटो : CITY DESK
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प्रयागराज। मंसूर अली पार्क में सीएए, एनआरसी के विरोध में हो रहे प्रदर्शन में सुबह भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी और धरना समाप्त कराने की अफवाहों के फैलते ही हजारों की संख्या में महिलाओं और पुरुषों का हुजूम उमड़ पड़ा। पार्क के गेट पर मौजूद पुलिस और पीएसी बल की वहां मौजूद लोगों से तीखी झड़प हुई।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस बल पार्क में लोगों को जाने से रोक रही थी। इसी के साथ वहां गो बैक के नारे लगने लगे। इससे थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया और पुलिस बल को लेकर वापस चले गए। सीओ उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि महिला पुलिस और पीएसी की ड्यूटी जानसेनगंज चौराहे पर और रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी। वे गलती से मंसूरअली पार्क पहुंच गईं। धरना समाप्त करवाने की बात गलत है।
बुधवार को फोन, व्हाट्सएप और दूसरे माध्यमों से मंसूर अली पार्क में पुलिस के पहुंचने और धरना समाप्त कराने खबरें वायरल होने लगीं। इसके बाद करेली, दरियाबाद, दायराशाह अजमल, रानीमंडी, शाहगंज, बैदनटोला, बख्शी बाजार, रसूलपुर अटाला, हिम्मतगंज, कोलहन टोला, मिन्हाजपुर, हटिया, बहादुरगंज सहित आसपास के इलाकों से हजारों लोगों का हुजूम मंसूर अली पार्क की सड़कों और गलियों में उमड़ पड़ा। पार्क के चारों ओर जाम लग गया। सूचना मिलते ही सीओ शाहगंज उमेश प्रताप सिंह भी पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर शांति बनाए रखने को कहा। इसके बाद पुलिस फोर्स को लेकर वह चले गए। उनके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिर से भाषण देना शुरू किया। शकीला खान, अबिया अमीन, इरशाद उल्ला, फरीद अहमद अब्बासी, सैयद मोहम्मद, सारा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी बात रखी।
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प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे अधिवक्ताओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में पुलिस फोर्स की मौजूदगी और धरना समाप्त किए जाने की बात फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि प्रशासन कोई ऐसी हरकत न करे कि जिससे आंदोलन हिंसात्मक हो जाए। अधिवक्ता समाज महिलाओं के आंदोलन के साथ है। प्रशासन अगर इसे कुचलने की कोशिश करेगा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रदर्शन में अधिवक्ता विजय यादव, मो. जैद, आशुतोष तिवारी, ईश्वर चंद, इबभने हसन आदि ने अपनी बात रखी।
अधिवक्ता आज भी करेंगे प्रदर्शन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथ पर अधिवक्ताओं की ओर से 30 जनवरी को हाईकोर्ट के समीप बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से होगा।
आदिवासी महिलाओं ने भी आंदोलन में लिया हिस्सा
मंसूर अली पार्क में बुधवार को बड़ी संख्या में शंकरगढ़ से आदिवासी महिलाएं भी पहुंचीं। शंकरगढ़ के डोरावाड़ी से अनारकली के नेतृत्व में राजकुमारी, मिथलेश कुमारी, कमला देवी, धानवती, कलावती, चंदा, मूलचंद, श्याम कली, सोमवारिया, बरगढ़ा से मुन्नी देवी, शिवकली, सचसराजी कुमारी ने आवाज बुलंद कर सीएए को रद्द करने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस बल पार्क में लोगों को जाने से रोक रही थी। इसी के साथ वहां गो बैक के नारे लगने लगे। इससे थोड़ी देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंचे सीओ ने समझाबुझाकर लोगों को शांत कराया और पुलिस बल को लेकर वापस चले गए। सीओ उमेश प्रताप सिंह का कहना है कि महिला पुलिस और पीएसी की ड्यूटी जानसेनगंज चौराहे पर और रेलवे स्टेशन पर लगाई गई थी। वे गलती से मंसूरअली पार्क पहुंच गईं। धरना समाप्त करवाने की बात गलत है।
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बुधवार को फोन, व्हाट्सएप और दूसरे माध्यमों से मंसूर अली पार्क में पुलिस के पहुंचने और धरना समाप्त कराने खबरें वायरल होने लगीं। इसके बाद करेली, दरियाबाद, दायराशाह अजमल, रानीमंडी, शाहगंज, बैदनटोला, बख्शी बाजार, रसूलपुर अटाला, हिम्मतगंज, कोलहन टोला, मिन्हाजपुर, हटिया, बहादुरगंज सहित आसपास के इलाकों से हजारों लोगों का हुजूम मंसूर अली पार्क की सड़कों और गलियों में उमड़ पड़ा। पार्क के चारों ओर जाम लग गया। सूचना मिलते ही सीओ शाहगंज उमेश प्रताप सिंह भी पहुंचे। उन्होंने लोगों से बातचीत कर शांति बनाए रखने को कहा। इसके बाद पुलिस फोर्स को लेकर वह चले गए। उनके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिर से भाषण देना शुरू किया। शकीला खान, अबिया अमीन, इरशाद उल्ला, फरीद अहमद अब्बासी, सैयद मोहम्मद, सारा सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी बात रखी।
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प्रदर्शन के समर्थन में पहुंचे अधिवक्ताओं ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन में पुलिस फोर्स की मौजूदगी और धरना समाप्त किए जाने की बात फैलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी धरनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि प्रशासन कोई ऐसी हरकत न करे कि जिससे आंदोलन हिंसात्मक हो जाए। अधिवक्ता समाज महिलाओं के आंदोलन के साथ है। प्रशासन अगर इसे कुचलने की कोशिश करेगा तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। प्रदर्शन में अधिवक्ता विजय यादव, मो. जैद, आशुतोष तिवारी, ईश्वर चंद, इबभने हसन आदि ने अपनी बात रखी।
अधिवक्ता आज भी करेंगे प्रदर्शन
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथ पर अधिवक्ताओं की ओर से 30 जनवरी को हाईकोर्ट के समीप बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन दोपहर 12 बजे से होगा।
आदिवासी महिलाओं ने भी आंदोलन में लिया हिस्सा
मंसूर अली पार्क में बुधवार को बड़ी संख्या में शंकरगढ़ से आदिवासी महिलाएं भी पहुंचीं। शंकरगढ़ के डोरावाड़ी से अनारकली के नेतृत्व में राजकुमारी, मिथलेश कुमारी, कमला देवी, धानवती, कलावती, चंदा, मूलचंद, श्याम कली, सोमवारिया, बरगढ़ा से मुन्नी देवी, शिवकली, सचसराजी कुमारी ने आवाज बुलंद कर सीएए को रद्द करने की मांग की।

Clash with police agitators in Mansoor Ali Park- फोटो : CITY DESK

Clash with police agitators in Mansoor Ali Park- फोटो : CITY DESK