प्रयागराज : आलमबाग की तर्ज पर विकसित होंगे सिविल लाइंस और जीरोेरोड बस स्टेशन
योगी कैबिनेट में ही सिविल लाइंस, जीरोरोड समेत 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। इन बस स्टेशनों को निजी कंपनियां विकसित करेंगी।
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लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन की तर्ज पर प्रयागराज का सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन को विकसित किया जाएगा। इन दोनों ही बस स्टेशनों पर तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं यात्रियों को मुहैया होंगी। शासन ने सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत विकसित करने की मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद रोडवेज अफसरों ने दोनों ही बस स्टेशनों का निरीक्षण किया।
दरअसल योगी कैबिनेट में ही सिविल लाइंस, जीरोरोड समेत 23 बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जाने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। इन बस स्टेशनों को निजी कंपनियां विकसित करेंगी। कांप्लेक्स, मल्टीलेवल पार्किंग, वीआईपी लाउंज, एसी वेटिंग रूम, दिव्यांग फ्रेंडली टिकट काउंटर, शॉपिंग मॉल, होटल कम रेस्टोरेंट आदि की सुविधाएं बस स्टेशन पर यात्रियों को मुहैया होंगी। यहां इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग प्वाइंट्स बनाए जाएं। बस स्टेशन के रखरखाव और डेवलेप करने की जिम्मेदारी ऐसी कंपनियों की होगी। तकरीबन एयरपोर्ट सरीखी सुविधाएं यात्रियों को बस स्टेशन पर दी जाएंगी।
पहले भी पीपीपी के तहत हुई थी कार्रवाई, किसी ने नहीं डाला टेंडर
प्रयागराज के सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन को पीपीपी मोड पर विकसित करने की योजना कोई नई नहीं है। पहले भी इन दोनों बस स्टेशनों को पीपीपी मोड पर विकसित करने के लिए निजी कंपनियों से आवेदन मांगा गया था। कुछ ने आवेदन पत्र लिए भी, लेकिन उसे जमा नहीं किया गया। फिलहाल अब शासन की योजना है कि वर्ष 2025 में लगने वाले कुंभ मेले के पूर्व इन दोनों बस स्टेशनों को विकसित कर दिया जाए।
आज कैबिनेट से इस प्रस्ताव के पास होने की मंजूरी के बारे में सूचना मिली है। शासन का जो भी निर्देश आएगा, उसी के तहत आगे की कार्रवाई की जएगी। - एमके त्रिवेदी, क्षेत्रीय प्रबंधक, प्रयागराज परिक्षेत्र