प्रयागराज शहर दक्षिणी: जाति-पात का मुद्दा रहा पीछे, विकास व प्रत्याशी के चेहरे पर वोट
शहर दक्षिणी विधानसभा में शहर के छह थाना क्षेत्रों के साथ ही नैनी थाना क्षेत्र के भी मतदान केंद्र शामिल रहे। इन इलाकों में स्थित ज्यादातर मतदान केंद्रों पर वोटर विकास के मुद्दे पर एकमत दिखे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में जाति-पात पर शनिवार को हुए मतदान में विकास का मुद्दा भारी रहा। इसके साथ-साथ प्रत्याशी के चेहरे पर भी जमकर वोटिंग हुई। कीडगंज, अतरसइुया, कोतवाली, मुट्ठीगंज, दारागंज व नैनी में मतदान केंद्रों पर उत्सव जैसा माहौल दिखा। यहां दो प्रत्याशियों में सीधे टक्कर देखने को मिली लेकिन कुछ केंद्रों पर अन्य प्रत्याशी भी लड़ाई में दिखे।
शहर दक्षिणी विधानसभा में शहर के छह थाना क्षेत्रों के साथ ही नैनी थाना क्षेत्र के भी मतदान केंद्र शामिल रहे। इन इलाकों में स्थित ज्यादातर मतदान केंद्रों पर वोटर विकास के मुद्दे पर एकमत दिखे। नैनी के रणजीत पंडित इंटर कॉलेज केंद्र पर वोट डालकर निकले शुभम मिश्रा व उनके दोस्तों राजीव शर्मा व मनीष द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने विकास के मुद्दे पर मतदान किया।
विकास के नाम पर डाले गए वोट
राधा रमण महिला इंटर कॉलेज में वोटिंग के लिए पहुंची राधा सिंह व उनके पति मोहन सिंह ने बताया कि जो सरकार विकास करेगी, वह उसे ही वोट डालेंगे। इसी तरह कीडगंज के एडीसी केंद्र पर मतदान करने के बाद लौट रहे सुनील केशरवानी, अमन केशरवानी व बच्चा केशरवानी ने बताया कि जनता के दर्द में उनके साथ खड़े होने वाले प्रत्याशी को वोट डाला है।
कोठापार्चा में रहने वाले सिंटू जायसवाल ने कहा कि शहर का विकास किसने किया, यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में वोट उसी प्रत्याशी को जाएगा। मुट्ठीगंज, अतरसुइया स्थित केंद्रों पर भी ज्यादातर लोगों ने यही कहा कि शहर की सूरत बदलने वाले प्रत्याशी को ही वोट किया जाएगा।
लगभग दो फीसदी ज्यादा मतदान
अंतिम आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो 2017 के मुकाबले इस बार शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो फीसदी ज्यादा मतदान हुआ। पिछले चुनाव में यहां का कुल मतदान प्रतिशत 45.16 था और इस बार रविवार शाम मतदान समाप्ति के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक, कुल 47.05 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जानकारों का कहना है कि मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी को आमतौर पर इसी रूप में देखा जाता है कि वोटर पिछली सरकार के कामकाज से खुश हैं और इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलता है। लेकिन एक महत्वपूर्ण कारक यह भी है कि किसी एक वर्ग या समुदाय ने कितना संगठित होकर मतदान किया। ऐसे में नतीजों का सटीक अनुमान लगाना बहुत आसान नहीं है।
कब कितना मतदान
9 बजे- 4 फीसदी
11 बजे- 11.05 फीसदी
1 बजे- 25.03 फीसदी
3 बजे- 37 फीसदी
5 बजे- 45.12 फीसदी
मतदान समाप्ति- 47.05 फीसदी