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चुनमुन का ‘पैगाम’ लेकर गए थे शाहिद

Thu, 21 Jul 2016 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 21 Jul 2016 01:07 AM IST
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Chunmun the ' message ' was the Shahid
शाहिद - फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक विजेता और हॉकी के पूर्व कप्तान मोहम्मद शाहिद का संगम नगरी से भी करीबी नाता रहा। वह जितने अच्छे खिलाड़ी थे, उतने ही अच्छे इंसान। दरअसल हॉकी की ड्रिबलिंग के जादूगर शाहिद यारों के यार भी थे। जैसे उनका जादू हाकी पर चलता था, वैसे ही उनके दोस्तों का जादू शाहिद पर। शाहिद ने दोस्तों केलिए न कहना नहीं सीखा था। बस, यही वजह थी कि अपने इलाहाबादी दोस्त अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी एवं रेलवे में खेल अधिकारी जहीरउद्दीन के कहने पर वह इलाहाबाद के ही हॉकी खिलाड़ी चुनमुन की शादी की बात करने लड़की के पिता के घर भी गए थे।
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भरे मन से शाहिद को याद करते हुए जहीरउद्दीन ने कहा, यह सन 1987 का वाकया है, कटरा केरहने वाले राष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी चुनमुन के लिए बनारस से रिश्ता आया था। लड़की बहुत सुंदर थी सो परिवार वाले चाहते थे कि चुनमुन की शादी वहां तय हो जाए। ऐसे में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की तलाश थी जिसकेकहने पर शादी तय होने की गारंटी बढ़ जाती। घर वालों को पता चला कि शाहिद मेरे दोस्त हैं तो उनसे सिफारिश के लिए वे मेरे घर आ पहुंचे। तब मोहम्मद शाहिद की चमक दुनिया भर में थी।
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मेरे कहने पर चुनमुन के घर वाले बनारस में मो.शाहिद के घर पहुंच गए। लड़की का घर भी बनारस में ही था।
शाहिद ने पूरी बात सुनी तो अपनी एचडी मोटर साइकिल निकालकर लड़की के घर जा पहुंचे। लड़की के घर वाले भी शाहिद को अच्छी तरह से जानते थे। हालांकि जब वह घर पहुंचे तो लड़की के पिता नहीं थे। शाहिद ने लड़की के भाई से कहकर पिता को अपने घर बुलाया। यह अलग बात है कि किन्हीं वजहों से वह शादी नहीं हो सकी लेकिन बात रखने के लिए शाहिद ने अपनी ओर से कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। चुनमुन की तरह ही शाहिद साथियों के लिए हर संभव कोशिश करने के लिए हर समय तैयार रहते थे।
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मोहम्मद शाहिद के साथ फ्रांस में 1979 में विश्व कप खेल चुके जहीरउद्दीन कहते हैं, कॅरियर की बुलंदियों के दौरान तीन बार शाहिद संगम नगरी आए थे। पहली बार हॉकी एसोसिएशन की ओर से 1988 में स्थानीय टूर्नामेंट, दूसरी बार 1989 में ओलंपियन साथी सुजीत कुमार की शादी और तीसरी बार 2006 में ओलंपियन विवेक सिंह की ओर से मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में शाहिद बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए।


संगम नगरी के निवासी ओलंपियन सुजीत, अजीत श्रीवास्तव उनके साथ लखनऊ हॉस्टल में भी रह चुके हैं। बकौल जहीरउद्दीन शाहिद ऐसे खिलाड़ी थे जिनका चयन बिना ट्रायल के ही लखनऊ हॉस्टल के लिए हुआ था। वहीं से उन्होंने जीवन की रफ्तार पकड़ी तो फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। एक के बाद सफलता की मंजिल पार हासिल करते गए। इलाहाबाद हॉकी सचिव पुष्पा श्रीवास्तव कहती हैं, मोहम्मद शाहिद शेरो-शायरी के भी बड़े शौकिन थे। शाहिद का जाना देश और उनके दोस्तों, खिलाड़ियों के लिए गहरा आघात है, एक अच्छा खिलाड़ी, एक अच्छा दोस्त हमें अलविदा कह गया।
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