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हाईकोर्ट ने पूछा पीड़िता की दिल्ली में दर्ज प्राथमिकी पर क्या जांच की
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चिन्मयानंद केस
- फोटो : Social Media
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जांच एजेंसी को पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश, 11 दिसंबर को होगी सुनवाई
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद पर एलएलएम छात्रा के यौन उत्पीड़न व दुराचार के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी से पूछा कि पीड़िता की दिल्ली के लोदी थाने में दर्ज एफआईआर पर उसने क्या जांच की है। जांच की है या नहीं और यदि की गई है तो किस प्रकार से। इस मामले पर एसआईटी को पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। चिन्मयानंद पर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नहाते समय उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने एसआईटी को संशोधित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। एसआईटी ने हलफनामा दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने पीड़िता के वकील से जवाबी हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा तथा न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की खंडपीठ एसआईटी जांच की मॉनिटरिंग कर रही है। इसको लेकर कोर्ट ने एसआईटी से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। याचिका पर पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त रवि किरण जैन और चिन्मयानंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार, शासकीय अधिवक्ता एसके पाल ने पक्ष रखा।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चिन्मयानंद पर एलएलएम छात्रा के यौन उत्पीड़न व दुराचार के आरोपों की जांच कर रही एसआईटी से पूछा कि पीड़िता की दिल्ली के लोदी थाने में दर्ज एफआईआर पर उसने क्या जांच की है। जांच की है या नहीं और यदि की गई है तो किस प्रकार से। इस मामले पर एसआईटी को पूरक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। चिन्मयानंद पर पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नहाते समय उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया और कई बार दुष्कर्म किया।
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने एसआईटी को संशोधित हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। एसआईटी ने हलफनामा दाखिल किया। इस पर कोर्ट ने पीड़िता के वकील से जवाबी हलफनामा मांगा है। याचिका की सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा तथा न्यायमूर्ति वीके श्रीवास्तव की खंडपीठ एसआईटी जांच की मॉनिटरिंग कर रही है। इसको लेकर कोर्ट ने एसआईटी से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी थी। याचिका पर पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त रवि किरण जैन और चिन्मयानंद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार, शासकीय अधिवक्ता एसके पाल ने पक्ष रखा।
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