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मिशन शारदा से शिक्षित किए जाएंगे स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे
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सब पढ़ें, सब बढ़ें के तहत अब सरकार आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शारदा अभियान चलाकर शिक्षित करेगी। जिले में लगभग दो हजार बच्चे ऐसे हैं, जो स्कूल नहीं जा रहे हैं। ब्लॉकवार उनकी सूची तैयार कर ली गई है। अब उन्हें शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा।
अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत समय-समय पर सरकार नई योजनाएं लाकर बच्चों को शिक्षित कर रही है। इसी क्रम में मिशन शारदा की शुरुआत की गई है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में छह से 14 वर्ष आयु के आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए जा रहे हैं। स्कूल में शिक्षकों को बच्चों का पंजीकरण, विद्यालय में आयु संगत कक्षा में नामांकन, उपलब्धि स्तर के अनुसार विशेष प्रशिक्षण, बच्चों का ठहराव, कक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम मिशन शारदा के तहत किया जाएगा।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। बच्चों को उनकी दक्षता के अनुसार कक्षा में नामांकन कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों द्वारा स्कूल में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिशन शारदा में वह बच्चे शामिल किए जाएंगे जो आउट आफ स्कूल हैं या फिर दाखिले के बाद बिना सूचना के 45 दिन व उससे अधिक समय से विद्यालय से लगातार अनुपस्थित रहे हों।
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जिले में ब्लॉकवार ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। जिले के 17 ब्लॉकों में करीब दो हजार बच्चों की सूची तैयार की गई है। अभी भी बच्चों को चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। एबीएसए संडवाचंद्रिका रेफत मलिक ने बताया कि ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर ली गई है। उन्हें स्कूल लाकर पंजीकरण कराया जाएगा।
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अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत समय-समय पर सरकार नई योजनाएं लाकर बच्चों को शिक्षित कर रही है। इसी क्रम में मिशन शारदा की शुरुआत की गई है। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में छह से 14 वर्ष आयु के आउट ऑफ स्कूल बच्चे चिह्नित किए जा रहे हैं। स्कूल में शिक्षकों को बच्चों का पंजीकरण, विद्यालय में आयु संगत कक्षा में नामांकन, उपलब्धि स्तर के अनुसार विशेष प्रशिक्षण, बच्चों का ठहराव, कक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का काम मिशन शारदा के तहत किया जाएगा।
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महानिदेशक स्कूल शिक्षा के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। बच्चों को उनकी दक्षता के अनुसार कक्षा में नामांकन कराया जाएगा। साथ ही शिक्षकों द्वारा स्कूल में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मिशन शारदा में वह बच्चे शामिल किए जाएंगे जो आउट आफ स्कूल हैं या फिर दाखिले के बाद बिना सूचना के 45 दिन व उससे अधिक समय से विद्यालय से लगातार अनुपस्थित रहे हों।
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जिले में ब्लॉकवार ऐसे बच्चों को चिह्नित किया जा रहा है। जिले के 17 ब्लॉकों में करीब दो हजार बच्चों की सूची तैयार की गई है। अभी भी बच्चों को चिह्नित करने की प्रक्रिया जारी है। अभिभावकों को भी शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा। एबीएसए संडवाचंद्रिका रेफत मलिक ने बताया कि ऐसे बच्चों की सूची तैयार कर ली गई है। उन्हें स्कूल लाकर पंजीकरण कराया जाएगा।