मासूम बच्ची के साथ बरर्बता : चाइल्ड वेलफेयर की सदस्य को बच्ची से मिलने से रोका, नहीं था आईकार्ड
बर्बरता की शिकार हुई बच्ची का हालचाल लेने छावनी अस्पताल पहुंचीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य को सीईओ ने मिलने से रोक दिया। उसके पास कमेटी का कोई आईकार्ड मौजूद नहीं था।
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बर्बरता की शिकार हुई बच्ची का हालचाल लेने छावनी अस्पताल पहुंचीं चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य को सीईओ ने मिलने से रोक दिया। उसके पास कमेटी का कोई आईकार्ड मौजूद नहीं था। हालांकि रोके जाने के बाद महिला सदस्य की स्वास्थ्य व सुरक्षा कर्मियों से काफी देर बहस हुई। अंत में सदस्य को बिना बच्ची से मिले ही लौटना पड़ा।
सोमवार को सुबह चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की एक सदस्य लड़की का बयान लेने छावनी अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान जब वह वार्ड की तरफ जाने लगीं तो सुरक्षा कर्मियों ने उनका परिचय पत्र मांगा। वहीं परिचय पत्र न होने के कारण उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। वह सीईओ से मिलने उनके कार्यालय पहुंचीं। जहां सीईओ ने कहा कि अगर आईकार्ड नहीं है तो आप अंदर नहीं जा सकती हैं। यह व्यवस्था बच्ची की सुरक्षा के मद्देनजर की गई है। इसके बाद महिला सदस्य को बिना बच्ची से मिले ही वापस लौटना पड़ा।
बच्ची काफी डरी सहमी है, ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति को बच्ची से मिलने पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा अगर आवश्यक कारणों से मिलना है तो वैध पहचान पत्र होना आवश्यक है। - मोहम्मद समीर इस्लाम, सीईओ, छावनी परिषद
जब से बच्ची के साथ बर्बरता का मामला प्रकाश में आया है तब से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी बच्ची से संपर्क में है। सदस्य के पास आईकार्ड नहीं था, इसलिए उसे मिलने नहीं दिया गया। -अखिलेश मिश्रा, चेयरमैन, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी