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आईआईटी की मदद से होगी बाल श्रमिकों की गिनती
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चिह्नित गांव और वार्ड में सर्र्वे के आधार पर तैयार किया जा रहा विवरण
प्रयागराज। श्रम विभाग बाल श्रमिकों तथा स्कूल न जाने वाले बच्चों की कुंडली तैयार कर रहा है। इसमें आईआईटी कानपुर की मदद ली गई है। जहां स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या अधिक है उन्हें हॉट स्पॉट के रूप में चिह्ति किया गया है।
आईआईटी के विशेषज्ञों की निगरानी में चिह्ति गांव और वार्ड में सर्वे शुरू है। जनवरी के पहले पखवारा में प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि इन गांवों और वार्ड में सभी बच्चों को स्कूल भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा किशोरों को शिक्षा के अलावा रोजगार वाले कार्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मकसद से रिपोर्ट भारत और प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
शहर में 10 वार्ड और 51 गांव में शुरू है सर्वे
सर्वे कुल 51 गांवों में किया जा रहा है। सबसे अधिक मेजा ब्लाक में 10 तथा शंकरगढ़ में सात गांव चिह्ति किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में 10 वार्ड में सर्वे किया जा रहा है। इनके अलावा आठ अन्य स्थान भी चिह्ति किए गए हैं। ये वे स्थान हैं जहां बालश्रम की अधिक शिकायत है।
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प्रशिक्षण के लिए 945 किशोर की तैयार है सूची
श्रम विभाग की ओर से पिछले वर्ष भी सर्वे कराया गया था। 15 ब्लाक के 54 गांव में 2628 बच्चे मिले थे, जो स्कूल नहीं जाते। इनमें से 945 किशोर भी हैं जिनकी आयु 14 से 18 वर्ष के बीच है। कौशल विकास के तहत इन्हें प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
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प्रयागराज। श्रम विभाग बाल श्रमिकों तथा स्कूल न जाने वाले बच्चों की कुंडली तैयार कर रहा है। इसमें आईआईटी कानपुर की मदद ली गई है। जहां स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या अधिक है उन्हें हॉट स्पॉट के रूप में चिह्ति किया गया है।
आईआईटी के विशेषज्ञों की निगरानी में चिह्ति गांव और वार्ड में सर्वे शुरू है। जनवरी के पहले पखवारा में प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ जाएगी। उप श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने बताया कि इन गांवों और वार्ड में सभी बच्चों को स्कूल भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा किशोरों को शिक्षा के अलावा रोजगार वाले कार्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मकसद से रिपोर्ट भारत और प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी।
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शहर में 10 वार्ड और 51 गांव में शुरू है सर्वे
सर्वे कुल 51 गांवों में किया जा रहा है। सबसे अधिक मेजा ब्लाक में 10 तथा शंकरगढ़ में सात गांव चिह्ति किए गए हैं। शहरी क्षेत्र में 10 वार्ड में सर्वे किया जा रहा है। इनके अलावा आठ अन्य स्थान भी चिह्ति किए गए हैं। ये वे स्थान हैं जहां बालश्रम की अधिक शिकायत है।
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प्रशिक्षण के लिए 945 किशोर की तैयार है सूची
श्रम विभाग की ओर से पिछले वर्ष भी सर्वे कराया गया था। 15 ब्लाक के 54 गांव में 2628 बच्चे मिले थे, जो स्कूल नहीं जाते। इनमें से 945 किशोर भी हैं जिनकी आयु 14 से 18 वर्ष के बीच है। कौशल विकास के तहत इन्हें प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।