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मुख्य सचिव बोले : हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए जल्द ही विकसित करेंगे व्यापक व्यवस्था

Thu, 22 Dec 2022 10:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 22 Dec 2022 10:12 PM IST
सार

इलाहाबाद हाई कोर्ट में पेश हुए मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कोर्ट के समक्ष पेश होकर आश्वासन दिया की केसों के निस्तारण के लिए जो भी समस्याएं हैं, उसके निस्तारण के लिए विभागों के साथ बैठक कर सचिव स्तर के अधिकारियों को नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे।

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Chief Secretary said: Will soon develop a comprehensive system to follow the orders of the High Court
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में बृहस्पतिवार को पेश हुए प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने आश्वासन दिया कि विभागों के सचिवों के साथ बैठकर हल निकालेंगे। कोर्ट में जवाब व मांगी जानकारी देने के लिए हर विभाग में नोडल अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से 24 जनवरी अगली सुनवाई तक उठाए गए कदमों की हलफनामे में जानकारी मांगी है।

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कोर्ट ने महाधिवक्ता कार्यालय में स्टाफ  की कमी एवं विभागों से मांगी गई जानकारी या जवाब समय से न आने से सुनवाई टलने पर मुख्य सचिव को तलब किया था। मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल तथा न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ ने ध्रुव राज बरनवाल व अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने को मुख्य सचिव ने एक्ट ऑफ गॉड बताया तो कोर्ट ने असहमति व्यक्त करते हुए ऑटोमेटिक फायर फाइटर संयंत्र के रखरखाव न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का आदेश दिया।
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मुख्य सचिव ने कार्यप्रणाली में आये बदलाव को देखते हुए तकनीकी के जरिये समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया। खंडपीठ ने मुख्य सचिव को मुकदमों की फाइलें कोर्ट में न आने, कोर्ट के आदेशों के बावजूद केसों में जवाबी हलफनामा दाखिल न होने, सरकारी वकीलों के फोन काल अधिकारियों द्वारा रिसीव न करने, जरूरी इंस्ट्रक्शन (जानकारी) कोर्ट में न देने पर बुलाया था। कोर्ट ने कहा कि मामले बहुत छोटे-छोटे हैं, लेकिन व्यवस्था पंगु है। इस वजह से केस लंबित पड़े हुए हैं।

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हरियाणा की तर्ज पर यहां भी तैयार कर रहे पोर्टल

मुख्य सचिव ने कहा आठ जुलाई को ही कोर्ट के आदेशों का अनुपालन कराने के लिए  सभी विभागों को आदेश जारी कर दिये गये है। नोडल अफसर तैनात कर मोबाइल और ई-मेल भी जारी किया जाएगा। यूपी टेस्कों ने एक मॉडल तैयार किया गया है। लेकिन, महाधिवक्ता की सलाह पर हरियाणा में अपनाई गई पोर्टल (लाइंस लीगल हरियाणा) व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। इसके लिए अपर महाधिवक्ता हिम्मत सिंह से संपर्क किया गया है।


इस व्यवस्था पर काम करने के लिए अपर सचिव देवेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। तकनीकी एजेंसी की मदद ली जा रही है। कोर्ट ने कहा कि जिस एजेंसी ने कभी साफ्टवेयर नहीं बनाया, उसे यह काम दिया गया है।  हरियाणा की लीगल व्यवस्था को देश के पांच राज्यों ने अपना लिया है। ठीक काम कर रही है। कोर्ट ने कहा हमें प्रयास नहीं, परिणाम की अपेक्षा है। सरकार अपने स्तर पर क्या कर रही है। उससे कोर्ट से कोई मतलब नहीं है।

कर्मचारियों की कमी पर मुख्य सचिव ने कहा कि आज कैबिनेट बैठक में नियमावली को मंजूरी मिल जाएगी। आयोग के जरिए नियुक्ति शीघ्र हो सकेगी। कोर्ट ने कहा आउटसोर्सिंग से काम नहीं चलेगा, कोर्ट में महत्वपूर्ण दस्तावेज की जवाबदेही है। स्थायी स्टाफ रखा जाना चाहिए। यह तय कर लें कि किस तरह की भर्ती करेंगे। क्योंकि, पहले जो हलफनामे दाखिल किए गए उसमें आउटसोर्स या संविदा पर स्टाफ रखने को कहा गया है।

कोर्ट ने मुख्य सचिव को ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की करतूत दिखाई कहा कि अधिकारी आदेश का पालन नहीं करते। अधिशासी अभियंता ने आदेश का पालन नहीं किया, अवमानना कार्यवाही में माफी के बाद, सितंबर 22 में आदेश पालन का आश्वासन दिया और नवंबर 22 में दो साल बाद विशेष अपील दाखिल की है। मुख्य सचिव ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोर्ट ने कहा कि आदेश पालन न होने से  25 से 30 हजार अवमानना याचिकाएं सालाना दाखिल हो रहीं हैं।

जब मुख्य सचिव ने मांगी माफी
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता कार्यालय में फायर फाइटिंग यंत्र के काम करने को लेकर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को कुछ बताना शुरू ही किया था कि   मुख्य सचिव ने टोकते हुए कहा कि आपको जानकारी भी है या ऐसे ही बोल रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता से ऐसे टोन में बात करने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। इस पर मुख्य सचिव ने माफी मांगी। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री जी बड़ा रिफार्म करने जा रहे हैं। जवाबदेही व पारदर्शिता से काम किया जायेगा। उन्होंने केस लिस्ट होने की एक महीने पहले जानकारी देने, फाइलों की कोर्ट फाइल से कापी कराने का अनुरोध किया।

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