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विवि में छात्राें ने फिर बंद कराए कांउटर, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 06 May 2016 02:15 AM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग के समर्थन में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को भी जमकर हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारियों ने काउंटर भी बंद करा दिए। हालांकि परिसर में मौजूद फोर्स ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस ने कई छात्रों की पिटाई भी की। पुलिस शैलेंद्र मौर्या और रवि यादव नामक दो छात्रों को गिरफ्तार कर ले गई। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिय गया।
दिन में तकरीबन साढ़े ग्यारह बजे छात्रसंघ भवन पर जुटे छात्रों ने प्रदर्शन किया। पुलिस के रोकने के बावजूद वे कुलपति कार्यालय की तरफ आगे बढ़ गए। पहले उन्होंने प्रशासनिक भवन के काउंटर बंद करा दिए। फिर प्रशासनिक भवन में भीतर घुस गए। उन्होंने कर्मियों से मेन गेट का ताला भी छिन लिया। हालांकि अभी यह सब चल ही रहा था कि फोर्स पहुंच गई और उन्होंने छात्रों को दौड़ा लिया। छात्रनेता शैलेंद्र मौर्या तथा कई अन्य के साथ पुलिस की हाथापाई भी हुई। पुलिस ने दो छात्रनेताओं को हिरासत में भी ले लिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग के समर्थन में छात्रों के एक गुट ने छात्रसंघ भवन पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रसंघ भवन से बाहर तक मार्च भी निकाला। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में अवनीश यादव, अंगद यादव, अरविंद सरोज, कृष्णा आदि शामिल रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर शुरू आंदोलन का समर्थन किया गया। उन्होंने कुलपति से टकराव का रास्ता छोड़कर छात्र नेताओं से वार्ता की अपील की। उन्होंने वार्ता में पूर्व अध्यक्षों को शामिल करने की भी मांग की। पूर्व अध्यक्षों का कहना था कि बीएचयू, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया लागू है। इसके अलावा स्नातक में ज्यादातर ने ऑफलाइन का विकल्प चुना है। ऐसे में आंदोलनरत छात्रों की मांग जायज है।
पूर्व अध्यक्षों ने लाठीचार्ज की निंदा की। साथ में गृह विज्ञान की अध्यक्ष से मोबाइल छीनने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। पूर्व अध्यक्षों ने परिसर में पुलिस के हस्तक्षेप को शैक्षणिक माहौल के लिए खतरा बताया। उन्होंने पैसे के लिए आंदोलन जैसी टिप्पणी के लिए कुलपति की निंदा की। बैठक की अध्यक्षता विनोद चंद्र दुबे ने की। संचालन केके राय ने किया। बैठक में कृष्ण मूर्ति यादव, संजय तिवारी, हेमंत टुन्नू, अभय अवस्थी आदि मौजूद रहे। सीवाईएसएस से जुड़े छात्रों ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन किया। समर्थन देने वालों में अंजनी कुमार मिश्रा, रितेश श्रीवास्तव, अनुपम सिंह आदि शामिल रहे।
ऑफलाइन के मुद्दे पर बुधवार से बेमियादी अनशन पर बैठी इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह और छात्रनेता अजीत यादव विधायक की तबीयत बिगड़ गई। ऋचा को सुबह उल्टी हुई। शाम को फिर तबीयत बिगड़ने लगी थी। अजीत को भी दिन में उल्टी हुई। हालांकि खतरे की कोई बात नहीं बताई जा रही। विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की ओर से डॉक्टरों की टीम भेजकर अनशनकारियों की दो बार जांच भी कराई गई।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े छात्र ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के पक्ष में हैं। उनका कहना था कि सर्वे में अधिकतर छात्र-छात्रा ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा चाहते हैं। सदस्यों ने कुलपति से मुलाकात भी की। उन्होंने छात्र हित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी कुलपति से वार्ता की।
छात्रों ने कुलपति से क्रेट में एक विस्तृत उत्तरीय प्रश्नपत्र शामिल किए जाने की मांग की। सर्वे डॉ.प्रमोद पांडेय तथा अन्य शोधार्थियों के निर्देशन में कराया जा रहा है। कुलपति से मिलने वालों में अक्षय यादव क्रांतिवीर, राजीव यादव, नीरज यादव आदि शामिल रहे। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव हसीब अहमद, श्रीशचंद्र दुबे, विजय निषाद, रोहित सिंह आदि ने डीएम के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने पीसीएस भर्ती परीक्षा में अंग्रेजी की भी वकालत की।
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दिन में तकरीबन साढ़े ग्यारह बजे छात्रसंघ भवन पर जुटे छात्रों ने प्रदर्शन किया। पुलिस के रोकने के बावजूद वे कुलपति कार्यालय की तरफ आगे बढ़ गए। पहले उन्होंने प्रशासनिक भवन के काउंटर बंद करा दिए। फिर प्रशासनिक भवन में भीतर घुस गए। उन्होंने कर्मियों से मेन गेट का ताला भी छिन लिया। हालांकि अभी यह सब चल ही रहा था कि फोर्स पहुंच गई और उन्होंने छात्रों को दौड़ा लिया। छात्रनेता शैलेंद्र मौर्या तथा कई अन्य के साथ पुलिस की हाथापाई भी हुई। पुलिस ने दो छात्रनेताओं को हिरासत में भी ले लिया।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग के समर्थन में छात्रों के एक गुट ने छात्रसंघ भवन पर अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने छात्रसंघ भवन से बाहर तक मार्च भी निकाला। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में अवनीश यादव, अंगद यादव, अरविंद सरोज, कृष्णा आदि शामिल रहे।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का विकल्प दिए जाने की मांग को लेकर शुरू आंदोलन का समर्थन किया गया। उन्होंने कुलपति से टकराव का रास्ता छोड़कर छात्र नेताओं से वार्ता की अपील की। उन्होंने वार्ता में पूर्व अध्यक्षों को शामिल करने की भी मांग की। पूर्व अध्यक्षों का कहना था कि बीएचयू, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत कई अन्य विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया लागू है। इसके अलावा स्नातक में ज्यादातर ने ऑफलाइन का विकल्प चुना है। ऐसे में आंदोलनरत छात्रों की मांग जायज है।
पूर्व अध्यक्षों ने लाठीचार्ज की निंदा की। साथ में गृह विज्ञान की अध्यक्ष से मोबाइल छीनने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। पूर्व अध्यक्षों ने परिसर में पुलिस के हस्तक्षेप को शैक्षणिक माहौल के लिए खतरा बताया। उन्होंने पैसे के लिए आंदोलन जैसी टिप्पणी के लिए कुलपति की निंदा की। बैठक की अध्यक्षता विनोद चंद्र दुबे ने की। संचालन केके राय ने किया। बैठक में कृष्ण मूर्ति यादव, संजय तिवारी, हेमंत टुन्नू, अभय अवस्थी आदि मौजूद रहे। सीवाईएसएस से जुड़े छात्रों ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका समर्थन किया। समर्थन देने वालों में अंजनी कुमार मिश्रा, रितेश श्रीवास्तव, अनुपम सिंह आदि शामिल रहे।
ऑफलाइन के मुद्दे पर बुधवार से बेमियादी अनशन पर बैठी इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की अध्यक्ष ऋचा सिंह और छात्रनेता अजीत यादव विधायक की तबीयत बिगड़ गई। ऋचा को सुबह उल्टी हुई। शाम को फिर तबीयत बिगड़ने लगी थी। अजीत को भी दिन में उल्टी हुई। हालांकि खतरे की कोई बात नहीं बताई जा रही। विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन की ओर से डॉक्टरों की टीम भेजकर अनशनकारियों की दो बार जांच भी कराई गई।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े छात्र ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के पक्ष में हैं। उनका कहना था कि सर्वे में अधिकतर छात्र-छात्रा ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा चाहते हैं। सदस्यों ने कुलपति से मुलाकात भी की। उन्होंने छात्र हित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी कुलपति से वार्ता की।
छात्रों ने कुलपति से क्रेट में एक विस्तृत उत्तरीय प्रश्नपत्र शामिल किए जाने की मांग की। सर्वे डॉ.प्रमोद पांडेय तथा अन्य शोधार्थियों के निर्देशन में कराया जा रहा है। कुलपति से मिलने वालों में अक्षय यादव क्रांतिवीर, राजीव यादव, नीरज यादव आदि शामिल रहे। जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव हसीब अहमद, श्रीशचंद्र दुबे, विजय निषाद, रोहित सिंह आदि ने डीएम के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने पीसीएस भर्ती परीक्षा में अंग्रेजी की भी वकालत की।