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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Chhath Puja: The tide of faith rises on the ghats of Ganga-Yamuna to offer Arghya to the rising sun

Chhath Puja : संगम पर उमड़ा भक्ति का जन ज्वार, उगते सूर्य को अंतिम अर्घ्य

Mon, 31 Oct 2022 09:12 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 31 Oct 2022 09:12 PM IST
सार

अखंड सौभाग्य के रूप में माथे सजा सिंदूर का टीका और गंगा जल में गन्ने का मंडप बनाकर भगवान भास्कर के उगने का इंतजार करता व्रतियों का जन ज्वार। कहीं ढोल नगाड़ों की गूंज तो कहीं आतिशबाजी से बिखरती उत्सवी छटा सूर्योपासना के लोकोत्सव को ऊंचे मानकों पर स्थापित करती रही।

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Chhath Puja: The tide of faith rises on the ghats of Ganga-Yamuna to offer Arghya to the rising sun
Chhath Puja 2022 : सगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटे श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

अखंड सौभाग्य के रूप में माथे सजा सिंदूर का टीका और गंगा जल में गन्ने का मंडप बनाकर भगवान भास्कर के उगने का इंतजार करता व्रतियों का जन ज्वार। कहीं ढोल नगाड़ों की गूंज तो कहीं आतिशबाजी से बिखरती उत्सवी छटा सूर्योपासना के लोकोत्सव को ऊंचे मानकों पर स्थापित करती रही। मौका था डाला षष्ठी के आखिरी अर्घ्य का। पूरब के आसमान में अरुणोदय की लालिमा छाते ही जयघोष के बीच व्रतियों ने पति के हाथ के जल से  उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया।

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त्रिवेणी की पावन धारा के बीच आंचल फैलाकर उगते सूर्य की प्रतीक्षा करती व्रती महिलाओं का सैलाब सोमवार को सर्व मंगल की कामना के लिए इसी तरह उमड़ा। भोर में ही दउरा में दीप जलाकर व्रतियों के समूह बाजे गाजे के साथ घाटों की ओर निकल पड़े। तटों पर जल में खड़े होकर सूर्योदय का इंतजार किया जाने लगा।

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Prayagraj News : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
अरुणोदय की लाली प्रस्फुटित होते ही संगम पर ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ आतिशबाजी होने लगी और उगते सूर्य को अपनी-अपनी कामनाओं के अर्घ्य समर्पित किए जाने लगे। षष्ठी मइया की आराधना की गीतों के साथ लोक उत्सव की वह छटा निहारने के लिए घर-घर से लोग निकल पड़े थे। उदित होते सूर्यदेव को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय डाला षष्ठी के व्रत का पारण हो गया।
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Prayagraj News : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

भोर में पांच बजे तक रामघाट, दशाश्वमेध घाट,महावीर मार्ग से लेकर संगम नोज तक कीचड़ और दलदल की परवाह किए बगैर व्रती महिलाएं त्रिवेणी की धारा में खड़ी होकर भगवान सूर्य का इंतजार करने लगीं। संगम नोज पर रात भर अपनी बहू के साथ षष्ठी माता की आराधना करने वाली अशोकनगर की अर्पणा वर्मा ने भोर में ही बैंडबाजा बजवाना शुरू कर दिया।

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

पिछले वर्ष की षष्ठी व्रत रखने के बाद उनकी बहू को वर्षों बाद पुत्र की प्राप्ति होने पर वह मां की वेदी सजाकर उनके द्वार पर बधाई बजाने आई थीं। उन्होंने बताया कि षष्ठी मइया की महिमा का वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि मां के दरबार में आंचल फैलाकर जो मांगो वह पूरा जरूर होता है। सिविल लाइंस में पत्रिका चौराहे की रेखा त्रिपाठी ने पड़ोसन की प्रेरणा से इस बार व्रत रखा। वह भी अपने परिवार की महिलाओं की मौजूदगी में गंगा जल में खड़ी होकर अर्घ्य के लिए भगवान सूर्य की प्रतीक्षा करती रहीं।

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

उन्होंने बताया कि परिवार की सुख-समृद्धि और आरोग्य के लिए यह व्रत किया है।  उसी भीड़ में पूजा केशरवानी महिलाओं के माथे पर सिंदूर का टीका लगाती रहीं। पूजा  बताती हैं कि छठ व्रत में सर्व मंगल का कामना की जाती हैं। व्रती महिलाएं सिर्फ पुत्र या पति की दीर्घायु के लिए नहीं, नइहर से लेकर ससुराल तक के हर सदस्य की समृद्धि, बेेटे की नौकरी, पुत्री की अच्छे घर में शादी के लिए प्रार्थना करती हैं।

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

कीचड़ में फिसलकर गिरते रहे व्रतियों के परिजन
घाटों पर दलदल की वजह से इस बार व्रतियों और उनकेपरिजनों को जबरदस्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दलदल वाले किनारों को बल्लियों से घेरा तक नहीं गया था। इस वजह से लोगों को परेशानी हुई। व्रती और उनके परिजन कीचड़ के बीच अर्घ्य देते समय फिसलते भी रहे। इस दौरान बच्चों, महिलाओं को सहारा देकर बाहर निकाला जाता रहा।

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

ठेकुआ का प्रसाद पाने के लिए आतुर रहे श्रद्धालु
आखिरी अर्घ्यदान के बाद तटों पर छट माता को अर्पित ठेकुआ का प्रसाद बांटने की होड़ सी मच गई। पूर्वांचल छठ पूजा समिति के शिविर में प्रसाद पहुंचाया जा रहा था। इसके लिए लाउडस्पीकर स अपील भी की जाती रही, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक छठ पूजा का प्रसाद पहुंचाया जा सके। 

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

पहिले पहिल हम कइनी, छठी मइया व्रत तोहार
सूर्य उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। छठ पर्व शुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरू हुआ था। शनिवार को खरना और रविवार को डूबते सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य दिया था। 

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
अपने जीवन का पहला छठ पर्व रह रहीं कई महिलाओं से अमर उजाला ने बात की। आरती सिंह ने बताया कि ससुराल में रहकर पहली बार छठ पूजा कर रहीं हैं। पहली दफे व्रत रखने वाली साधना ने बताया कि परिवार के सदस्यों के सुखमय जीवन के लिए मैने इस बार छठ महापर्व किया। रेखा सिंह का कहना है कि छठ महापर्व पर परिवार के सभी सदस्यों को शामिल होने का अवसर मिलता है। साथ ही घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद भी मिलता है। 

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
मालती सिंह पिछले एक दशक से छठ का पर्व रह रहीं हैं। बताया कि छठ का व्रत रखने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है। सुषमा द्विवेदी का कहना है कि छठ पर्व का काफी महत्व है। शादी के बाद लगातार छठ का पर्व रह रहीं हूं। अंजू तिवारी भी शादी के बाद से लगातार छठ का व्रत रह रहीं हैं। बताया कि छठी मइया का व्रत रखने से जीवन खुशियों से भरा रहता है। हवेलिया निवासी प्रिया सिंह, संगीता मिश्र, सुषमा और रश्मि प्रियंवदा ने बताया कि कोरोना काल में भी छठ मइया का व्रत नहीं छोड़ा। घर की छत पर ही वेदी बनाकर पूजा की।  

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

घियानगर घाट पर हुआ आस्था का संगम, उगते सूर्य को दिया अर्ध्य
लोक आस्था के महापर्व छठ के चौथे दिन व्रती महिलाओं ने सोमवार प्रात: उगते सूर्य को अर्घ्य देकर निर्जला व्रत का पारण किया। चार दिवसीय डाला छठ की शुरुआत शुक्रवार को नहाय खाय से हुई थी। शनिवार को खरना, रविवार को मुख्य पर्व खरना के बाद निराजल व्रत रखा और अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर पूरी रात भजन कीर्तन किया। सोमवार प्रात: महिलाओं ने जलाशय में खड़े होकर भगवान भास्कर की पूजा-अर्चना की।

Chhath Puja: The tide of faith rises on the ghats of Ganga-Yamuna to offer Arghya to the rising sun
Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
अरैल घाट पर उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ पूर्ण हुआ छठ महापर्व
सोमवार की सुबह अरैल घाट पर व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इसी के साथ चार दिवसीय छठ पर्व का समापन हो गया। भोर से ही महिलाएं परिवार के साथ अरैल घाट पर पहुंच गईं और पानी में खड़े होकर सूर्य के उदय होने का इंतजार करने लगीं। सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने अपने पति एवं पुत्र की दीर्घायु की कामना की। डाला छठ पर्व पर व्रती महिलाओं ने शुक्रवार की शाम को नहाय खाय के व्रत की शुरुआत की।
फोटो है।

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Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

रविवार की शाम को महिलाएं परिवार समेत पूजन सामग्री को लेकर अरैल घाट पहुंची और सूर्यास्त के समय पानी में खड़े होकर छठी मैया का पूजन अर्चन किया। सोमवार की सुबह भी व्रती महिलाएं पूजन सामग्री लेकर अरैल घाट पहुंची और विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य देकर अपने पति एवं पुत्र की दीर्घायु की कामना के साथ इस महापर्व को पूर्ण किया। व्रत के बाद महिलाओं ने पारण किया। साथ ही प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर पूर्वांचल महासमिति अध्यक्ष अरुण यादव, संजय श्रीवास्तव, सरदार पतविंदर सिंह, दयानंद पांडेय, विजय सिंह, एसपी सिंह, प्रमोद सिंह, पप्पू सिंह, आलोक सिंह, पवन यादव आदि मौजूद रहे। 

Chhath Puja: The tide of faith rises on the ghats of Ganga-Yamuna to offer Arghya to the rising sun
Chhath Puja 2022 : संगम पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए जुटीं व्रती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
सोमवार की सुबह भी व्रती महिलाएं पूजन सामग्री लेकर अरैल घाट पहुंची और विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। पानी में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य देकर अपने पति एवं पुत्र की दीर्घायु की कामना के साथ इस महापर्व को पूर्ण किया। व्रत के बाद महिलाओं ने पारण किया। साथ ही प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर पूर्वांचल महासमिति अध्यक्ष अरुण यादव, संजय श्रीवास्तव, सरदार पतविंदर सिंह, दयानंद पांडेय, विजय सिंह, एसपी सिंह, प्रमोद सिंह, पप्पू सिंह, आलोक सिंह, पवन यादव आदि मौजूद रहे। 
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