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जेल वार्डर हत्याकांड: हत्या से सहमा जेल प्रशासन, मुलाकातियों की गहनता से की जा रही छानबीन
Sat, 29 Dec 2018 01:29 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 29 Dec 2018 01:29 AM IST
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Jail Warder Murder
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गुरुवार की शाम जेलरोड क्रासिंग के पास जेल के प्रधान बंदीरक्षक की हत्या से सहमा जेल प्रशासन शुक्रवार को पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा था। जेल में बंदियों से मिलने आए मुलाकातियों के एक-एक सामान की गहनता के साथ छानबीन की जा रही थी। जेल के भीतर भी बैरकों में दिनभर तलाशी होती रही। जेल प्रशासन बंदियों से मिलने आने वाले लोगों पर नजर गड़ाए हुए था।
जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के पुरहिया निगोहा निवासी हरिनारायण त्रिवेदी (56) की हत्या के बाद यह आशंका जताई गई कि जेल में बंदियों से हुए विवाद को लेकर यह घटना अंजाम दी गई। शुक्रवार को जेल प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह से अलर्ट था। जेल में बंदियों से मिलने आने वाले एक-एक लोगों पर नजर रखी जा रही थी। उनका एक-एक सामान चेक किया जा रहा था।
जेल रोड पर जिस तरह सब्जी खरीद रहे प्रधान बंदीरक्षक की हत्या कर दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाश भाग निकले, इससे पटरी दुकानदार भी सहम गए हैं। शुक्रवार को घटनास्थल के आसपास के दुकानदार दुकानें लगाने नहीं आए। उन्हें यह डर था कि पूछताछ के लिए पुलिस उन्हें भी उठा सकती है।
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बदमाशों ने प्रधान बंदीरक्षक को पिस्टल से तीन गोलियां मारी थीं। दो गोलियां शरीर को भेदते हुए पार हो गई थीं, जबकि एक गोली पीठ से निकलकर हर्ट और फेफड़े को डैमेज करते हुए सीने के पास फंसी थी। बदमाशों ने हत्या में 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया था। सीएमओ ने दो चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया।
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जिला जेल के प्रधान बंदीरक्षक लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के पुरहिया निगोहा निवासी हरिनारायण त्रिवेदी (56) की हत्या के बाद यह आशंका जताई गई कि जेल में बंदियों से हुए विवाद को लेकर यह घटना अंजाम दी गई। शुक्रवार को जेल प्रशासन इसे लेकर पूरी तरह से अलर्ट था। जेल में बंदियों से मिलने आने वाले एक-एक लोगों पर नजर रखी जा रही थी। उनका एक-एक सामान चेक किया जा रहा था।
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जेल रोड पर जिस तरह सब्जी खरीद रहे प्रधान बंदीरक्षक की हत्या कर दिनदहाड़े बाइक सवार बदमाश भाग निकले, इससे पटरी दुकानदार भी सहम गए हैं। शुक्रवार को घटनास्थल के आसपास के दुकानदार दुकानें लगाने नहीं आए। उन्हें यह डर था कि पूछताछ के लिए पुलिस उन्हें भी उठा सकती है।
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बदमाशों ने प्रधान बंदीरक्षक को पिस्टल से तीन गोलियां मारी थीं। दो गोलियां शरीर को भेदते हुए पार हो गई थीं, जबकि एक गोली पीठ से निकलकर हर्ट और फेफड़े को डैमेज करते हुए सीने के पास फंसी थी। बदमाशों ने हत्या में 32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया था। सीएमओ ने दो चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया।