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बदलें सोच, आपकी मदद के लिए है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 28 Apr 2016 02:34 AM IST
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बुधवार को अमर उजाला की ओर से टैगोर पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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पुलिस आपकी मदद के लिए है, कोई समस्या हो तो पुलिस से मदद मांगें। पुलिस के बारे में बनी नकारात्मक धारणा को खत्म कर बदलाव की दिशा में आगे बढ़ें। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की ओर से बुधवार को टैगोर पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘पुलिस की पाठशाला’ के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) इलाहाबाद जोन आरके चतुर्वेदी ने विद्यार्थियों को प्रदेश में पुलिस विभाग के ढांचे और कार्य पद्धति के बारे में जानकारी दी। कहा, पुलिस की आंख, कान, नाक बनें, तभी समाज में शांति व्यवस्था कायम होगी।
बताया कि पुलिस पर काम का कितना दबाव है। कानून-व्यवस्था से लेकर बिजली जाने पर रात में सड़क जाम की स्थिति में पुलिस ही पहुंचती है जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी और इंजीनियर घरों में सोते हैं। कभी आपने सोचा है कि पुलिस को कितनी विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। पुलिस बिना कोई साप्ताहिक अवकाश लिए लगातार काम करती है। शिफ्ट की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिसवाले अपने बच्चों से कई-कई दिन बातचीत और मिल नहीं पाते।
कहा, परिवार में बच्चे के सामने पुलिस की गलत छवियां नहीं प्रस्तुत करनी चाहिए। आमतौर पर देखा जाता है कि घरों में छोटे बच्चों के गलती करने, खाना नहीं खाने, बात नहीं मानने पर लोग पुलिस का डर दिलाते हैं। इससे बचपन से ही बच्चों में पुलिस के प्रति डर घर कर जाता है। हमें चाहिए कि पुलिस की छवि मददगार के रूप में प्रस्तुत की जाए। ट्रैफिक चौराहों पर लालबत्ती होने के बाद भी जैसे ही हम देखते हैं कि पुलिस नहीं है, चौराहा पार करने लगते हैं, यह गलत है। पुलिस की मदद करेंगे तो सड़क पर चलना आसान होगा।
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इस दौरान प्रधानाचार्या कावेरी अधिकारी ने स्कूल छूटने और खुलने केसमय ट्रैफिक जाम होने की समस्या बताई। जिसके जवाब में आईजी ने स्कूल के समय ट्रैफिक सिपाही की व्यवस्था करने की बात कही। बाद में प्रधानाचार्या ने स्मृति चिह्न देकर आईजी जोन आरके चतुर्वेदी को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका ऋतु मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता हिंदी केके मिश्रा ने किया। इससे पहले आईजी ने अमर उजाला की ओर से छात्रों को जागरूक करने के लिए आयोजित पुलिस की पाठशाला की सराहना की।
डायल 100 का नेटवर्क जल्द
आईजी इलाहाबाद जोन आरके चतुर्वेदी ने डायल 100 और डायल 1090 के बारे में भी जानकारी दी। कहा, डायल 100 के लिए प्रदेश भर में एक पूरा नेटवर्क तैयार हो रहा है। इसके जरिए प्रदेश की राजधानी में बैठकर इलाहाबाद के किसी मोहल्ले में होने वाली घटना की शिकायत किए जाने पर मॉनीटरिंग हो सकेगी। यह व्यवस्था जल्द से जल्द लागू हो जाएगी।
इसी तरह महिलाओं, छात्राओं के लिए शुरू की गई डायल 1090 सेवा का भी असर दिख रहा है। इसके तहत अब तक पांच लाख से अधिक शिकायतें आई हैं, जिसमें से 96 फीसदी का निपटारा हो चुका है। खास यह कि इस नंबर पर महिला सिपाही ही काल रीसिव करेगी और आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। उन्होंने प्रधानाचार्या से छात्राओं के लिए 1090 पर कार्यशाला कराने की सलाह दी। पूरे प्रदेश में साइबर से जुड़े अपराधों के लिए लखनऊ एवं आगरा में एक-एक थाने स्थापित हो चुके हैं। यह व्यवस्था जल्द ही प्रदेश के हर जिले में शुरू की जाएगी।
विद्यार्थियों ने किए तरह-तरह के सवाल
टैगोर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने आईजी जोन से खूब सवाल किए जिसका उत्तर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। इसमें डायल 100, डायल 1090, पुलिस की कार्यशैली, चुनाव की तरह पुलिस पर नियंत्रण के लिए आयोग, सड़क खोद दिए जाने सहित अनेेक बिन्दु शामिल थे। सवाल करने वालों में पायल, सिन्धुजा मिश्रा,नूपुर कपूर, अक्षिता श्रीवास्तव, अंजली, कनिष्क, अनन्या बनर्जी सहित कई शिक्षक भी शामिल थे।
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बताया कि पुलिस पर काम का कितना दबाव है। कानून-व्यवस्था से लेकर बिजली जाने पर रात में सड़क जाम की स्थिति में पुलिस ही पहुंचती है जबकि बिजली विभाग के कर्मचारी और इंजीनियर घरों में सोते हैं। कभी आपने सोचा है कि पुलिस को कितनी विपरीत परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। पुलिस बिना कोई साप्ताहिक अवकाश लिए लगातार काम करती है। शिफ्ट की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिसवाले अपने बच्चों से कई-कई दिन बातचीत और मिल नहीं पाते।
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कहा, परिवार में बच्चे के सामने पुलिस की गलत छवियां नहीं प्रस्तुत करनी चाहिए। आमतौर पर देखा जाता है कि घरों में छोटे बच्चों के गलती करने, खाना नहीं खाने, बात नहीं मानने पर लोग पुलिस का डर दिलाते हैं। इससे बचपन से ही बच्चों में पुलिस के प्रति डर घर कर जाता है। हमें चाहिए कि पुलिस की छवि मददगार के रूप में प्रस्तुत की जाए। ट्रैफिक चौराहों पर लालबत्ती होने के बाद भी जैसे ही हम देखते हैं कि पुलिस नहीं है, चौराहा पार करने लगते हैं, यह गलत है। पुलिस की मदद करेंगे तो सड़क पर चलना आसान होगा।
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इस दौरान प्रधानाचार्या कावेरी अधिकारी ने स्कूल छूटने और खुलने केसमय ट्रैफिक जाम होने की समस्या बताई। जिसके जवाब में आईजी ने स्कूल के समय ट्रैफिक सिपाही की व्यवस्था करने की बात कही। बाद में प्रधानाचार्या ने स्मृति चिह्न देकर आईजी जोन आरके चतुर्वेदी को सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका ऋतु मिश्रा और धन्यवाद ज्ञापन प्रवक्ता हिंदी केके मिश्रा ने किया। इससे पहले आईजी ने अमर उजाला की ओर से छात्रों को जागरूक करने के लिए आयोजित पुलिस की पाठशाला की सराहना की।
डायल 100 का नेटवर्क जल्द
आईजी इलाहाबाद जोन आरके चतुर्वेदी ने डायल 100 और डायल 1090 के बारे में भी जानकारी दी। कहा, डायल 100 के लिए प्रदेश भर में एक पूरा नेटवर्क तैयार हो रहा है। इसके जरिए प्रदेश की राजधानी में बैठकर इलाहाबाद के किसी मोहल्ले में होने वाली घटना की शिकायत किए जाने पर मॉनीटरिंग हो सकेगी। यह व्यवस्था जल्द से जल्द लागू हो जाएगी।
इसी तरह महिलाओं, छात्राओं के लिए शुरू की गई डायल 1090 सेवा का भी असर दिख रहा है। इसके तहत अब तक पांच लाख से अधिक शिकायतें आई हैं, जिसमें से 96 फीसदी का निपटारा हो चुका है। खास यह कि इस नंबर पर महिला सिपाही ही काल रीसिव करेगी और आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रहेगी। उन्होंने प्रधानाचार्या से छात्राओं के लिए 1090 पर कार्यशाला कराने की सलाह दी। पूरे प्रदेश में साइबर से जुड़े अपराधों के लिए लखनऊ एवं आगरा में एक-एक थाने स्थापित हो चुके हैं। यह व्यवस्था जल्द ही प्रदेश के हर जिले में शुरू की जाएगी।
विद्यार्थियों ने किए तरह-तरह के सवाल
टैगोर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने आईजी जोन से खूब सवाल किए जिसका उत्तर देते हुए उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत किया। इसमें डायल 100, डायल 1090, पुलिस की कार्यशैली, चुनाव की तरह पुलिस पर नियंत्रण के लिए आयोग, सड़क खोद दिए जाने सहित अनेेक बिन्दु शामिल थे। सवाल करने वालों में पायल, सिन्धुजा मिश्रा,नूपुर कपूर, अक्षिता श्रीवास्तव, अंजली, कनिष्क, अनन्या बनर्जी सहित कई शिक्षक भी शामिल थे।