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चाचा चौधरी, पिंकी फिर से बने बच्चों के दोस्त
सुरभि गुप्ता, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 09 Feb 2017 01:23 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अरसे से बच्चों से दूर चाचा चौधरी, साबू, पिंकी और बिल्लू एक बार फिर से सामने हैं। अपने किस्से कहानियां वह बच्चों को सुना रहे हैं। हंसी मजाक करने के साथ ही नसीहतें भी भी दे रहे हैं। एक जमाने में बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त रहे इन किरदारों से सजी कॉमिक्स जीजीआईसी में लगे राष्ट्रीय पुस्तक मेले में पहुंच गई हैं। डायमंड बुक्स के स्टाल पर कॉमिक्स को देखकर हर कोई ठहर जा रहा है। स्टाल में पहुंचने वाले अभिभावकों को कामिक्स देखकर अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं।
डायमंड बुक्स के स्टाल पर कॉमिक्स के कलेक्शन सिंगल के साथ ही डायजेस्ट रूप में भी उपलब्ध हैं। डायजेस्ट फार्म में दो से तीन कॉमिक्स को संग्रहित किया गया है। चाचा चौधरी और बिग हेड, चाचा चौधरी और प्रोफेसर बैड, चाचा चौधरी और जिब्रानो, बिल्लू और क्रिकेट कप्तान, बिल्लू और अजूबा, बिल्लू की गर्लफ्रेंड, पिंकी हाइट्स, पिंकी और दुनिया की सैर, पिंकी और जीनी, पिंकी और मूच्छड़ सिंह समेत इनसे जुड़ी कई कॉमिक्स के कई कलेक्शन हैं।
पुस्तक मेले में पहुंचे दारागंज के मुकेश ने बताया कि इन कॉमिक्स को देखकर उन्हें अपने बचपन के दिन याद आ गए हैं। किस तरह से कॉमिक्स पढ़ने के लिए वह पाकेटमनी जोड़ते थे। अपने बच्चों में भी पढ़ने की आदत डालने के लिए उन्होंने कॉमिक्स खरीदी हैं। स्टाल संचालक अभिनव छाबड़ा ने बताया कि आज के दौर में बच्चों में पढ़ने की आदत डालने के मकसद से ही इस बार हम कॉमिक्स लेकर आए हैं। अभिभावकों को भी कॉमिक्स काफी पसंद आ रही हैं। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए वह कॉमिक्स खरीद रहे हैं। प्रतिदिन तकरीबन सौ कॉमिक्स की खरीदारी हो रही है।
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डायमंड बुक्स के स्टाल पर कॉमिक्स के कलेक्शन सिंगल के साथ ही डायजेस्ट रूप में भी उपलब्ध हैं। डायजेस्ट फार्म में दो से तीन कॉमिक्स को संग्रहित किया गया है। चाचा चौधरी और बिग हेड, चाचा चौधरी और प्रोफेसर बैड, चाचा चौधरी और जिब्रानो, बिल्लू और क्रिकेट कप्तान, बिल्लू और अजूबा, बिल्लू की गर्लफ्रेंड, पिंकी हाइट्स, पिंकी और दुनिया की सैर, पिंकी और जीनी, पिंकी और मूच्छड़ सिंह समेत इनसे जुड़ी कई कॉमिक्स के कई कलेक्शन हैं।
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पुस्तक मेले में पहुंचे दारागंज के मुकेश ने बताया कि इन कॉमिक्स को देखकर उन्हें अपने बचपन के दिन याद आ गए हैं। किस तरह से कॉमिक्स पढ़ने के लिए वह पाकेटमनी जोड़ते थे। अपने बच्चों में भी पढ़ने की आदत डालने के लिए उन्होंने कॉमिक्स खरीदी हैं। स्टाल संचालक अभिनव छाबड़ा ने बताया कि आज के दौर में बच्चों में पढ़ने की आदत डालने के मकसद से ही इस बार हम कॉमिक्स लेकर आए हैं। अभिभावकों को भी कॉमिक्स काफी पसंद आ रही हैं। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए वह कॉमिक्स खरीद रहे हैं। प्रतिदिन तकरीबन सौ कॉमिक्स की खरीदारी हो रही है।
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