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सीजीएचएस में इलाज के लिए घर बैठे रजिस्ट्रेशन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:27 AM IST
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सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के लाभार्थियों के लिए राहत वाली खबर है। अब वे सीजीएचएस में इलाज कराने के लिए घर बैठे रजिस्ट्रेशन भी करा सकेंगे। सरकार जल्द ही सीजीएचएस की डिस्पेंसरियों में नंबर लेने की व्यवस्था ऑलाइन करने जा रही है। इस बाबत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गाइड लाइन जारी कर दी गई है। जल्द ही यह व्यवस्था दिल्ली समेत पूरे देश में लागू कर दी जाएगी। इलाहाबाद में ही सीजीएचएस से जुड़े तकरीबन एक लाख लाभार्थियों को इसका फायदा मिलेगा।
सीजीएचएस की देश भर के ज्यादातर बड़े शहरों में डिस्पेंसरियां हैं, जहां केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को मुफ्त इलाज की सुविधा है। इसके साथ ही दवाएं भी डिस्पेंसरियों में मुफ्त भी मिलती हैं। डॉक्टर को दिखाने और दवाएं लेने के लिए लाभार्थियों को वेलनेस सेंटर यानी डिस्पेंसरी के काउंटर से नंबर लेना पड़ता है। लाभार्थियों में ज्यादा संख्या पेंशनरों की है, सो नंबर लेने के लिए अक्सर उन्हें लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि वेलनेस सेंटर के काउंटर के साथ नंबर लेने की व्यवस्था ऑनलाइन भी कर दी जाए ताकि लाभार्थियों को इसके लिए लंबी लाइन न लगानी पड़ी।
इसे लागू करने के लिए सभी शहरों की सीजीएचएस डिस्पेंसरियों में काम चल रहा है। एनआईसी की ओर से सीजीएचएस के आईटी सेल से कई सूचनाएं भी मांगी गई हैं। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बाबत गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसके अनुसार सीजीएचएस की वेबसाइट Òwww.nic.inÓ पर जाना होगा। वेबसाइट खोलने पर आरएचएस की स्क्रीन पर ‘बुक एप्वॉइंटमेंट’ लिखा हुआ दिखेगा। उस पर लाभार्थी को आईडी नंबर डालकर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जेनरेट करना होगा। ओटीपी नंबर लाभार्थी के सीजीएचएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से आएगा। इसी नंबर के आधार पर लभार्थी ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें डॉक्टर से एप्वाइंटमेंट की तिथि एवं समय मिल जाएगा।
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ऑनलाइन नंबर लेने वाला मरीज अगर निर्धारित तिथि पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचता है लेकिन तब तक लाइन में उसका नंबर बीत चुका है तो उसका नंबर अगले मरीज के बाद आ जाएगा। अगर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तहत डॉक्टर को दिखाने के लिए निर्धारित समय बीत गया है तो तो मरीज को वेलनेस सेंटर के काउंटर से नंबर लेना होगा। यदि ऑनलाइन बुकिंग के बाद मरीज लगातार तीन बार समय से नहीं पहुंचता है तो उसकी यह सुविधा माह भर के लिए बंद कर दी जाएगी।
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सीजीएचएस की देश भर के ज्यादातर बड़े शहरों में डिस्पेंसरियां हैं, जहां केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को मुफ्त इलाज की सुविधा है। इसके साथ ही दवाएं भी डिस्पेंसरियों में मुफ्त भी मिलती हैं। डॉक्टर को दिखाने और दवाएं लेने के लिए लाभार्थियों को वेलनेस सेंटर यानी डिस्पेंसरी के काउंटर से नंबर लेना पड़ता है। लाभार्थियों में ज्यादा संख्या पेंशनरों की है, सो नंबर लेने के लिए अक्सर उन्हें लंबी लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने निर्णय लिया है कि वेलनेस सेंटर के काउंटर के साथ नंबर लेने की व्यवस्था ऑनलाइन भी कर दी जाए ताकि लाभार्थियों को इसके लिए लंबी लाइन न लगानी पड़ी।
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इसे लागू करने के लिए सभी शहरों की सीजीएचएस डिस्पेंसरियों में काम चल रहा है। एनआईसी की ओर से सीजीएचएस के आईटी सेल से कई सूचनाएं भी मांगी गई हैं। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बाबत गाइडलाइन भी जारी कर दी है। इसके अनुसार सीजीएचएस की वेबसाइट Òwww.nic.inÓ पर जाना होगा। वेबसाइट खोलने पर आरएचएस की स्क्रीन पर ‘बुक एप्वॉइंटमेंट’ लिखा हुआ दिखेगा। उस पर लाभार्थी को आईडी नंबर डालकर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) जेनरेट करना होगा। ओटीपी नंबर लाभार्थी के सीजीएचएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से आएगा। इसी नंबर के आधार पर लभार्थी ऑनलाइन बुकिंग करा सकेंगे। इसके साथ ही उन्हें डॉक्टर से एप्वाइंटमेंट की तिथि एवं समय मिल जाएगा।
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ऑनलाइन नंबर लेने वाला मरीज अगर निर्धारित तिथि पर डॉक्टर को दिखाने पहुंचता है लेकिन तब तक लाइन में उसका नंबर बीत चुका है तो उसका नंबर अगले मरीज के बाद आ जाएगा। अगर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के तहत डॉक्टर को दिखाने के लिए निर्धारित समय बीत गया है तो तो मरीज को वेलनेस सेंटर के काउंटर से नंबर लेना होगा। यदि ऑनलाइन बुकिंग के बाद मरीज लगातार तीन बार समय से नहीं पहुंचता है तो उसकी यह सुविधा माह भर के लिए बंद कर दी जाएगी।