{"_id":"5ddc3d5e8ebc3e54f143b545","slug":"ce-se-tests-pantoon-bridges-of-magh-mela-allahabad-news-ald261181523","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीई-एसई ने परखी माघ मेला की तैयारियां, पांटून पुलों का लिया जायजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीई-एसई ने परखी माघ मेला की तैयारियां, पांटून पुलों का लिया जायजा
विज्ञापन
पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल ने सोमवार को गंगा पर निर्माणाधीन अस्थाई पांटून पुलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभियंताओं से साल स्लीपर के इस्तेमाल के अलावा पांटून की उपलब्धता व गुणवत्ता की जानकारी ली। सीई ने तय समय सीमा के भीतर सभी पांटून पुलों का निर्माण कराने के निर्देश दिए।
मुख्य अभियंता मित्त दोपहर करीब 1:30 बजे माघ मेला क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उनके साथ अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार राय व मेला डिवीजन के एक्सईएन सुनील कुमार कठेरिया भी थे। उन्होंने बनकर तैयार हो चुके ओल्ड जीटी पुल का मुआयना किया। इसके अलावा गंगोली शिवाला, काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग पर निर्माणीधीन पांटून पुलों की स्थिति के बारे में भी एक्सईएन, एई व जेई से उन्होंने जानकारी ली। इस बार कुंभ के दौरान लाए गए साल स्लीपर से ही माघ मेले के लिए पांटून पुल बनाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि चार महीने बाद ही इन स्लीपरों में सड़न पैदा हो गई है। कुछ स्लीपर ऐसे भी हैं तो मामूली दबाव के बाद टूट जा रहे हैं।
स्टोर को वापस किए गए सड़े साल स्लीपर
गंगोली शिवाला मार्ग पर अस्थाई पांटून पुल का निर्माण अंतिम दौर में है। सोमवार को इस पुल के लिए स्टोर से भेजे गए कई साल स्लीपर सड़े हुए निकल गए। सड़े स्लीपर होने की जानकारी मिलने के बाद उसे लगाने से इंकार कर दिया गया। खराब पाए गए दर्जन भर से अधिक स्लीपर स्टोर को वापस कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अभियंता मित्त दोपहर करीब 1:30 बजे माघ मेला क्षेत्र पहुंचे। इस दौरान उनके साथ अधीक्षण अभियंता विपिन कुमार राय व मेला डिवीजन के एक्सईएन सुनील कुमार कठेरिया भी थे। उन्होंने बनकर तैयार हो चुके ओल्ड जीटी पुल का मुआयना किया। इसके अलावा गंगोली शिवाला, काली मार्ग, त्रिवेणी मार्ग, महावीर मार्ग पर निर्माणीधीन पांटून पुलों की स्थिति के बारे में भी एक्सईएन, एई व जेई से उन्होंने जानकारी ली। इस बार कुंभ के दौरान लाए गए साल स्लीपर से ही माघ मेले के लिए पांटून पुल बनाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि चार महीने बाद ही इन स्लीपरों में सड़न पैदा हो गई है। कुछ स्लीपर ऐसे भी हैं तो मामूली दबाव के बाद टूट जा रहे हैं।
विज्ञापन
स्टोर को वापस किए गए सड़े साल स्लीपर
गंगोली शिवाला मार्ग पर अस्थाई पांटून पुल का निर्माण अंतिम दौर में है। सोमवार को इस पुल के लिए स्टोर से भेजे गए कई साल स्लीपर सड़े हुए निकल गए। सड़े स्लीपर होने की जानकारी मिलने के बाद उसे लगाने से इंकार कर दिया गया। खराब पाए गए दर्जन भर से अधिक स्लीपर स्टोर को वापस कर दिए गए।
विज्ञापन