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सीबीएसई स्कूलों में सिविल सेवा पैटर्न पर पढ़ाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 02:24 AM IST
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स्कूली स्तर पर बच्चों की क्षमता एवं योग्यता संवर्द्धन के लिए सीबीएसई आगे आया है। सीबीएसई की ओर से स्कूली बच्चों को अब नौवीं कक्षा से ही सिविल सेवा के बदले पैटर्न के आधार पर जानकारी दी जाएगी। इस बदलाव से स्कूली बच्चों को जोड़ने की तैयारी नए शैक्षिक सत्र से की गई है। इसके लिए स्कूलों में सीबीएसई क्रिप्टिक क्रासवर्ड कान्टेस्ट 2016 के जरिए बच्चों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी।
सीबीएसई की ओर से सबसे पहले नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों पर इस पहल को प्रयोग किया जाएगा। कान्टेस्ट के जरिए तर्कशक्ति की क्षमता में वृद्धि, शब्दकोष को समृद्ध करने, प्रश्न हल करने की योग्यता में बढ़ोतरी, स्मरण शक्ति का विकास, लेखन क्षमता, दिमाग की क्षमता का विकास हो सकेगा। नई विधा के जरिए छात्रों एवं शिक्षकों दोनों को आईएएस के पैटर्न से जोड़ा जाएगा। सिविल सेवा परीक्षा में हिन्दी भाषी क्षेत्र एवं हिन्दी पट्टी के छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सीबीएसई की ओर से नया प्रयोग किया जा रहा है। नई पहल से बैंकिंग, एसएससी, रेलवे सहित कैट, मैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले प्रतियोगियों के लिए नया माहौल मिल सकेगा।
सीबीएसई की ओर से अपने सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में छात्रों को जानकारी देने के बाद अप्रैल से अगस्त के बीच स्कूल स्तर पर हर शहर में योग्यता संवर्द्धन के लिए क्रासवर्ड कान्टेस्ट कराया जाएगा। दूसरे चरण में नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल एवं फाइनल राउंड होगा। इसके विजेता को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सीबीएसई ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से प्रतियोगिता में सभी छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित कराने को कहा है। प्रतियोगिता के बारे में अधिक जानकारी सीबीएसई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
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सीबीएसई की ओर से सबसे पहले नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के बच्चों पर इस पहल को प्रयोग किया जाएगा। कान्टेस्ट के जरिए तर्कशक्ति की क्षमता में वृद्धि, शब्दकोष को समृद्ध करने, प्रश्न हल करने की योग्यता में बढ़ोतरी, स्मरण शक्ति का विकास, लेखन क्षमता, दिमाग की क्षमता का विकास हो सकेगा। नई विधा के जरिए छात्रों एवं शिक्षकों दोनों को आईएएस के पैटर्न से जोड़ा जाएगा। सिविल सेवा परीक्षा में हिन्दी भाषी क्षेत्र एवं हिन्दी पट्टी के छात्रों की सहभागिता बढ़ाने के लिए सीबीएसई की ओर से नया प्रयोग किया जा रहा है। नई पहल से बैंकिंग, एसएससी, रेलवे सहित कैट, मैट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले प्रतियोगियों के लिए नया माहौल मिल सकेगा।
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सीबीएसई की ओर से अपने सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों में छात्रों को जानकारी देने के बाद अप्रैल से अगस्त के बीच स्कूल स्तर पर हर शहर में योग्यता संवर्द्धन के लिए क्रासवर्ड कान्टेस्ट कराया जाएगा। दूसरे चरण में नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। इसमें क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल एवं फाइनल राउंड होगा। इसके विजेता को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सीबीएसई ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से प्रतियोगिता में सभी छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित कराने को कहा है। प्रतियोगिता के बारे में अधिक जानकारी सीबीएसई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
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