सीबीएसई व आईसीएसई के स्कूल नहीं बढ़ा सकेंगे फीस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीएसई व आईसीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चालू सत्र में फीस की बढ़ोतरी नहीं करें। यदि इस दौरान उन्होंने बढ़ी फीस वसूल की है तो उसको अभिभावकों को वापस करना होगा। स्कूलों से कहा गया है कि चालू शैक्षिक सत्र की फीस पिछले वर्ष से कम होनी चाहिए।
निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से दिशा निर्देश जारी किए जाने के बाद जिलाधिकारी ने मंगलवार को प्रधानाचार्यों की बैठक बुलाई। बैठक में सीबीएसई,आईसीएसई स्कूलों के 70 से अधिक प्रधानाचार्य मौजूद रहे। डीएम ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया कि वह चालू शैक्षिक सत्र में किसी प्रकार की फीस नहीं बढ़ाएंगे, यदि उन्होंने फीस बढ़ा दी है तो उसे वापस लेंगे। डीएम ने प्रधानाचार्यों को क्रीड़ा, विज्ञान, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, लैब, परीक्षा शुल्क, वार्षिक उत्सव शुल्क एवं परिवहन शुल्क आदि को शुल्क से बाहर रखने का निर्देश दिया। स्कूलों को सिर्फ शिक्षण शुल्क वसूल करने का निर्देश दिया गया। स्कूलों से कहा गया कि ऑनलाइन क्लास के दौरान स्कूल यूनीफार्म पहनना जरूरी नहीं है। इसके लिए किसी बच्चे पर दबाव नहीं बनाया जाएगा।
कोरोना से हुआ माता-पिता का निधन तो बच्चों को दें मुफ्त शिक्षा
जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विद्यालय के प्रधानाचार्यों से कहा गया कि जिन बच्चों के माता-पिता का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हुआ है, उन बच्चों को बारहवीं तक नि:शुल्क शिक्षा दी जाए। ऑनलाइन परीक्षा शुल्क पर भी रोक लगा दी गई। बैठक में कहा गया कि जिन स्कूलों ने अभिभावकों से बढ़ी फीस वसूल कर ली है, वह आगे की फीस में उसे समायोजित करेंगे।
तीन महीने की फीस जमा करने के लिए नहीं बनाएंगे दबाव
स्कूल किसी भी छात्र-अभिभावक को तीन महीने की अग्रिम फीस जमा करने के लिए दबाव नहीं बनाएंगे। अभिभावक एक-एक महीने की फीस जमा करने के लिए स्वतंत्र होंगे। फीस समय से नहीं जमा होने की स्थिति में किसी बच्चे को ऑनलाइन क्लास से रोका नहीं जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने बताया कि स्कूल के सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन के भुगतान का निर्देश डीएम द्वारा दिए गए।
45 पार निजी स्कूलों के सभी शिक्षकों का होगा वैक्सीनेशन
जिलाधिकारी ने कोरोना से बचाव के लिए जिले के सभी सीबीएसई, आईसीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्यों से 45 बरस की उम्र पार कर चुके शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वैक्सीनेशन का निर्देश दिया। स्कूलों से कहा गया कि टीका नहीं लगवाने वाले 45 पार के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों के नाम जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दें। बैठक में बताया गया कि 44 से कम आयु वाले शिक्षकों का वैक्सीनेशन बाद में किया जाएगा। टीकाकरण के लिए सेंट जोसफ कॉलेज एवं गर्ल्स हाईस्कूल एंड कॉलेज के प्रधानाचार्य को नोडल नामित किया गया है।
स्कूल नहीं माने तो फीस का विवरण जारी करने के लिए अलग जारी होगा निर्देश
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि स्कूलों को क्रीड़ा, विज्ञान, कंप्यूटर, लाइब्रेरी, लैब, परीक्षा शुल्क, वार्षिक उत्सव शुल्क एवं परिवहन शुल्क को हटाकर मात्र शिक्षण शुल्क वसूल करने का निर्देश दिया गया है। यदि स्कूलों ने फीस का विवरण (ब्रेकअप) जारी करके शुल्क पिछले वर्ष से कम नहीं किया तो उनके लिए अलग से निर्देश जारी किया जाएगा।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूल किए जाने का मुद्दा उठाया था। डीएम ने मंगलवार को ही सीबीएसई और आईसीएसई के स्कूलों के प्रधानाचार्यों की बैठक बुला ली और उन्हें फीस न बढ़ाने का निर्देश दिया।