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सीबीआई कल करेगी संदिग्ध चयनितों से पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 15 Apr 2018 01:54 AM IST
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सीबीआई को पीसीएस परीक्षा-2015 में मॉडरेशन की आड़ में गड़बड़ी के कई सुबूत मिले हैं। सीबीआई ने 25 ऐसे अभ्यर्थियों को चिह्नित किया है, जिनके अंक मॉडरेशन के नाम पर बहुत अधिक बढ़ाए या घटाए गए हैं। सीबीआई को आशंका है कि इनमें कम से कम पांच 10 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिनके चयन में घपला हुआ है। सीबीआई सोमवार से इनसे पूछताछ शुरू कर करने जा रही है। इसके लिए सीबीआई ने नियुक्ति सचिव और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) से अभ्यर्थियों के बारे में नाम-पता समेत विस्तृत जानकारी भी मांगी है।
सीबीआई की ओर से चिह्नित किए गए 25 चयनितों की सूची सप्ताह भर पहले नियुक्ति सचिव और यूपीपीएससी को दी जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग ने अभ्यर्थियों के नाम-पता समेत उनके बारे में पूरी जानकारी सीबीआई को सौंप दी है। जांच में सीबीआई को पता चला है कि मॉडरेशन की आड़ में इन अभ्यर्थियों में 70 फीसदी ऐसे चयनित हैं, जिन्हें मॉडरेशन की आड़ में 25 से 30 अंक अधिक दिए गए और इन्हीं में से 30 फसदी चयनितों के 25 से 30 अंक घटा दिए गए। संदिग्ध चयनितों को सीबीआई ने सोमवार को सुबह 10.30 बजे कैंप कार्यालय में बुलाया है।
मॉडरेशन की आड़ में जिनके अंक बढ़ाए गए, उन्हें सीधी फायदा मिला और एसडीएम, डिप्टी एसपी जैसे उच्च पद पर उनकी तैनाती की गई और जिनके अंक घटाए गए, उन्हें नुकसान हुआ और अच्छा पद नहीं मिला। अगर उनके अंक न घटाए गए होते तो उन्हें भी उच्च पदों पर तैनाती मिलती। सीबीआई ने दोनों तरह के अभ्यर्थियों को चिह्नित किया है। इसके अलावा चयनितों के बारे में कुछ दूसरी सूचनाएं भी इकट्ठा की हैं, जो गड़बड़ी की ओर साफ इशारा कर रही हैं। इसी आधार पर सीबीआई सोमवार से इन अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू करने की तैयारी में है।
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सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में पूछताछ कक्ष तकरीबन तैयार कर लिया गया है। सीबीआई जांच का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है, सो टीम के सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि सोमवार को टीम के कुछ नए सदस्य भी इलाहाबाद पहुंच रहे हैं।
मॉडरेशन पद्धति की जांच और कॉपियों की पड़ताल के बाद सीबीआई को पता चला है कि बिना किसी फार्मूले के नंबर घटाए और बढ़ाए गए। ऐसे में मनमानी किए जाने की पूरी आशंका है और इसी आधार पर सीबीआई टीम अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
यूपीपीएससी भर्ती परीक्षाओं की जांचकर रही सीबीआई के एसपी राजीव रंजन शनिवार को पूरे दिन कैंप कार्यालय में मौजूद रहे। इस दौरान कई प्रतियोगी छात्र और छात्राएं कैंप कार्यालय पहुंचे। छात्रों और छात्राओं ने एसपी के सामने अपना बयान दर्ज कराया। ज्यादातर शिकायतें मॉडरेशन से जुड़ी हुई थीं। इसके अलावा स्केलिंग पद्धति को लेकर भी कुछ शिकायतें दर्ज कराई गईं।
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सीबीआई की ओर से चिह्नित किए गए 25 चयनितों की सूची सप्ताह भर पहले नियुक्ति सचिव और यूपीपीएससी को दी जा चुकी है। सूत्रों का कहना है कि आयोग ने अभ्यर्थियों के नाम-पता समेत उनके बारे में पूरी जानकारी सीबीआई को सौंप दी है। जांच में सीबीआई को पता चला है कि मॉडरेशन की आड़ में इन अभ्यर्थियों में 70 फीसदी ऐसे चयनित हैं, जिन्हें मॉडरेशन की आड़ में 25 से 30 अंक अधिक दिए गए और इन्हीं में से 30 फसदी चयनितों के 25 से 30 अंक घटा दिए गए। संदिग्ध चयनितों को सीबीआई ने सोमवार को सुबह 10.30 बजे कैंप कार्यालय में बुलाया है।
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मॉडरेशन की आड़ में जिनके अंक बढ़ाए गए, उन्हें सीधी फायदा मिला और एसडीएम, डिप्टी एसपी जैसे उच्च पद पर उनकी तैनाती की गई और जिनके अंक घटाए गए, उन्हें नुकसान हुआ और अच्छा पद नहीं मिला। अगर उनके अंक न घटाए गए होते तो उन्हें भी उच्च पदों पर तैनाती मिलती। सीबीआई ने दोनों तरह के अभ्यर्थियों को चिह्नित किया है। इसके अलावा चयनितों के बारे में कुछ दूसरी सूचनाएं भी इकट्ठा की हैं, जो गड़बड़ी की ओर साफ इशारा कर रही हैं। इसी आधार पर सीबीआई सोमवार से इन अभ्यर्थियों से पूछताछ शुरू करने की तैयारी में है।
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सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में पूछताछ कक्ष तकरीबन तैयार कर लिया गया है। सीबीआई जांच का दायरा बढ़ना शुरू हो गया है, सो टीम के सदस्यों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। सूत्रों का कहना है कि सोमवार को टीम के कुछ नए सदस्य भी इलाहाबाद पहुंच रहे हैं।
मॉडरेशन पद्धति की जांच और कॉपियों की पड़ताल के बाद सीबीआई को पता चला है कि बिना किसी फार्मूले के नंबर घटाए और बढ़ाए गए। ऐसे में मनमानी किए जाने की पूरी आशंका है और इसी आधार पर सीबीआई टीम अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है।
यूपीपीएससी भर्ती परीक्षाओं की जांचकर रही सीबीआई के एसपी राजीव रंजन शनिवार को पूरे दिन कैंप कार्यालय में मौजूद रहे। इस दौरान कई प्रतियोगी छात्र और छात्राएं कैंप कार्यालय पहुंचे। छात्रों और छात्राओं ने एसपी के सामने अपना बयान दर्ज कराया। ज्यादातर शिकायतें मॉडरेशन से जुड़ी हुई थीं। इसके अलावा स्केलिंग पद्धति को लेकर भी कुछ शिकायतें दर्ज कराई गईं।