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अफसरों और मॉडरेटर्स के बीच गठजोड़ तलाश रही सीबीआई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 13 Jun 2018 01:04 AM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं की जांच कर रही सीबीआई आयोग के अफसरों और मॉडरेटर्स के बीच गठजोड़ तलाश रही है। इस दिशा में सीबीआई जांच काफी आगे बढ़ चुकी है और जांच एजेंसी को कई अहम सुराग भी मिले हैं। जल्द ही कुछ मॉडरेटर्स को नोटिस जारी कर पूछताछ की जा सकती है। इस बीच सीबीआई की विशेष टीम के इलाहाबाद पहुंचने के बाद सीबीआई के गोंविदपुर स्थित कैंप कार्यालय में गतिविधियां तेज हुईं हैं तो आयोग में भी हलचल बढ़ गई है।
सीबीआई ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मुकदमे में इस बात का उल्लेख किया है कि पीसीएस-2015 की परीक्षा में कई मॉडरेटर्स ने अंकों के साथ छेड़छाड़ की। समान अंक पाने वाले दो अभ्यर्थियों में से एक के अंक बढ़ाए गए और दूसरे के अंक घटा दिए गए। ऐसे में जिस अभ्यर्थी के अंक घटाए गए, उसे चयन से वंचित होना पड़ा। कई अभ्यर्थियों ने कॉपियों में विशेष निशान लगाए थे। ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियों में ही मॉडरेशन किया गया। संबंधित मॉडरेटर ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की और न ही परीक्षा से जुड़े अफसरों ने ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई की। यह अफसरों और संबंधित मॉडरेटरों के बीच गठजोड़ के बिना नहीं हो सकता।
सीबीआई अब इस दिशा में जांच कर रही है कि जिन मॉडरेटरों ने नंबर घटाए-बढ़ाए और जिन अफसरों ने सबकुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं की, ऐसे मॉडरेटरों और अफसरों ने कितनी परीक्षाओं में एक साथ काम लिया ताकि अन्य परीक्षाओं की भी इस दिशा में जांच शुरू की जा सके। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान सीबीआई को आयोग के कुछ अफसरों और संदिग्ध मॉडरेटरों के बीच गठजोड़ से जुडे़ अहम सुराग मिले हैं और सीबीआई अब इन्हीं सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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सीबीआई ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मुकदमे में इस बात का उल्लेख किया है कि पीसीएस-2015 की परीक्षा में कई मॉडरेटर्स ने अंकों के साथ छेड़छाड़ की। समान अंक पाने वाले दो अभ्यर्थियों में से एक के अंक बढ़ाए गए और दूसरे के अंक घटा दिए गए। ऐसे में जिस अभ्यर्थी के अंक घटाए गए, उसे चयन से वंचित होना पड़ा। कई अभ्यर्थियों ने कॉपियों में विशेष निशान लगाए थे। ज्यादातर ऐसे अभ्यर्थियों की कॉपियों में ही मॉडरेशन किया गया। संबंधित मॉडरेटर ने इस पर कोई आपत्ति नहीं की और न ही परीक्षा से जुड़े अफसरों ने ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई की। यह अफसरों और संबंधित मॉडरेटरों के बीच गठजोड़ के बिना नहीं हो सकता।
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सीबीआई अब इस दिशा में जांच कर रही है कि जिन मॉडरेटरों ने नंबर घटाए-बढ़ाए और जिन अफसरों ने सबकुछ जानते हुए भी कार्रवाई नहीं की, ऐसे मॉडरेटरों और अफसरों ने कितनी परीक्षाओं में एक साथ काम लिया ताकि अन्य परीक्षाओं की भी इस दिशा में जांच शुरू की जा सके। सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान सीबीआई को आयोग के कुछ अफसरों और संदिग्ध मॉडरेटरों के बीच गठजोड़ से जुडे़ अहम सुराग मिले हैं और सीबीआई अब इन्हीं सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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