प्रयागराज : जातिवार जनगणना, किसान आयोग के लिए सड़क पर उतरे लोग, पुलिस से झड़प
पिछड़ा वर्ग की जातिवार जनगणना कराने, समान शिक्षा नीति बनाने और किसान आयोग का गठन करने समेत कई मांगों को लेकर सोमवार को आदिवासी, पिछड़ा और गरीव वर्ग के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।
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पिछड़ा वर्ग की जातिवार जनगणना कराने, समान शिक्षा नीति बनाने और किसान आयोग का गठन करने समेत कई मांगों को लेकर सोमवार को आदिवासी, पिछड़ा और गरीव वर्ग के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। सम्यक संवैधानिक क्रांति मोर्चा बैनर तले जुलूस निकालकर जमकर नारेबाजी की गई। लेप्रोसी चौराहा नैनी से जुलूस की शक्ल में पत्थर गिरजाघर पर पैदल मार्च करते पहुंचे प्रदर्शनकारियों की भीड़ की वजह से सिविल लाइंस में कुछ देर के लिए रास्ता बाधित हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन एसीएम तृतीय को सौंपा गया।
सम्यक संवैधानिक क्रांति मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बारा, करछना, मेजा और कोरांव तहसील से जुड़े गांवों से सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरूष लेप्रेसी चौराहे पर इकट्ठा हुए। इसके बाद जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए वह पत्थर गिरजाघर स्थित धरना स्थल के लिए निकल पड़े। इस दौरान पिछड़ा वर्ग की जातिवार जनगणना कराने , राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन करने के अलावा भूमिहीन कृषि मजदूरों को पांच-पाच बीघा भूमि दिलाने के लिए आवाज उठाई जा रही थी।
कोल, मुसहर, बेेनवंश आदि जातियों को प्रदेश में जनजातीय दर्जा देने, ओबीसी की जातिवार जनगणना सहित अन्य मांगों को लेकर एक पत्थर गिरजाघर पर धरना दिया गया। इसी को लेकर संगठन से जुड़ी महिलाएं व पुरूष लेप्रेसी चौराहे पर इकट्ठा होकर जुलूस की शक्ल में निकले थे। प्रदर्शन का नेतृत्व रामराज आदिवासी, अश्विनी पटेल, कमलेश गुप्ता, सालिग्राम आदिवासी, ओम प्रकाश आदिवासी ने किया। पत्थर गिरजाघर पर भारी हुजूम उमड़ने से रास्ता बाधित होने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तीखी झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की भी कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े रहे।